रांची: राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने झारखंड के कोडरमा जिले में विस्फोटकों के अवैध जखीरे को बरामद करते हुए इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार एनआईए ने चार ठिकानों पर छापेमारी के दौरान 1662 नान-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, पांच डिजिटल डिवाइस और 16 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महेश मेहता और शंकर यादव के रूप में हुई है।
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साल 2024 से जुड़ा है मामला
एनआईए के अनुसार, दोनों आरोपी विस्फोटकों को अवैध रूप से जमा करने और उन्हें अन्य आरोपियों तक पहुंचाने की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे। इसके कारण आम लोगों की जान-माल को गंभीर खतरा पैदा हुआ था। यह कार्रवाई साल 2024 में बंगाल के साल्टोरा क्षेत्र में हुए मोटरसाइकिल विस्फोट से जुड़े मामले (आरसी-16/2024/एनआइए/डीएलआई) में की गई है। इस मामले में अब तक तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। एनआईए ने अक्टूबर 2024 में इस केस को अपने हाथ में लिया था।
बिना किसी वैध लाइसेंस के भंडारण
एनआईए जांच में यह भी सामने आया है कि विस्फोटकों को बिना किसी वैध लाइसेंस के हासिल कर गुप्त नेटवर्क के जरिए अलग-अलग स्थानों पर जमा किया जा रहा था और उनका अवैध परिवहन किया जा रहा था। एजेंसी ने यह भी पाया कि विस्फोटकों को बेहद लापरवाही और खतरनाक तरीके से रखा और ले जाया जा रहा था।
एनआईए के मुताबिक, मामले की शुरुआत उस विस्फोट से हुई थी जिसमें विस्फोटकों के अवैध परिवहन के दौरान जॉयदेब मंडल उर्फ बबलू मंडल की मौत हो गई थी। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। फिलहाल एनआईए विस्फोटकों के स्रोत और उन्हें किन लोगों या स्थानों तक पहुंचाया जाना था, इसकी गहन जांच कर रही है। जिले में चार ठिकानों पर छापेमारी की गई है। अभी और खुलासे होने शेष हैं।


