रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग से जुड़ी विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में सीआईडी जांच तेज होती जा रही है. गुरूवार को जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांग्ते के कांके रोड स्थित आवास पर हुई छापेमारी के बाद सीआईडी ने जांच का दायरा पूर्व अध्यक्ष के आसपास और बढ़ा दिया है. सीआईडी अध्यक्ष के रूप में एल. ख्यांग्ते की हुई विदेश यात्राओं की जांच भी शुरू कर दी है.
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विदेशी दौरे पर किस मद से खर्च
सीआईडी यह जानने का प्रयास कर रही है कि पूर्व अध्यक्ष के इन दौरों पर हुआ खर्च किस मद से किया गया, भुगतान की प्रक्रिया क्या थी और क्या सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक नियमों का पालन किया गया था या नहीं. इसी क्रम में CID ने परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी TDPL से भी खर्च और भुगतान का विस्तृत ब्योरा मांगा है.
कहा जा रहा है कि जेपीएससी अध्यक्ष बनने के बाद एल. ख्यांग्ते तीन बार अमेरिका गए थे. अब जांच एजेंसी इन यात्राओं से जुड़े सभी दस्तावेज, प्रशासनिक स्वीकृतियां, भुगतान का स्रोत और खर्च के रिकॉर्ड की जांच कर रही है. इसके लिए संबंधित विभागों और एजेंसियों से आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है.
आयोग से जुड़े मामलों की भी जांच
सीआईडी की जांच केवल विदेश यात्राओं तक सीमित नहीं है. CID आयोग में हुए प्रशासनिक निर्णयों, नियुक्तियों, पदस्थापना, स्थानांतरण और वित्तीय लेन-देन से जुड़े विभिन्न मामलों की भी समानांतर जांच कर रही है. अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका से संबंधित दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है, ताकि पूरे घटनाक्रम की क्रमवार तस्वीर सामने आ सके.
रिमांड पर लेने की तैयारी
जांच एजेंसी सीआईडी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी भी की जा रही है. जांच एजेंसी का मानना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिससे कथित अनियमितताओं और निर्णय प्रक्रिया की परतें खुल सकती हैं. हालांकि, CID ने अभी तक एल. ख्यांग्ते के आवास पर हुई छापेमारी को लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है.


