रांची : झारखंड में राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी के नामांकन पत्र के कुछ बिंदु पर कांग्रेस ने आपत्ति की है। ये आपत्तियां नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी के दौरान दर्ज कराईं। इसपर निर्वाची पदाधिकारी रंजीत कुमार ने नाथवाणी से बुधवार सुबह 11 बजे तक बिंदुवार पक्ष रखने को कहा है। ऐसे में अब सबकी निगाहें बुधवार को निर्वाची पदाधिकारी के फैसले पर टिक गई हैं।
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नाथवाणी पर लगे आरोप, दिया जबाब
इनमें नाथवाणी के नाम के अलग-अलग प्रारूपों में उल्लेख, पारिवारिक संपत्तियों से संबंधित विवरण के प्रारूप को अधूरा छोड़ना और एक कंपनी में निदेशक पद से जुड़े विवरण का स्पष्ट उल्लेख नहीं होना शामिल है. हालांकि नाथवाणी के अधिवक्ताओं ने मंगलवार शाम 5 बजे से पहले निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष बिंदुवार लिखित जवाब प्रस्तुत कर दिया हैं, जिसके बाद यह स्पष्ट होगा कि परिमल नाथवाणी का नामांकन वैध माना जाएगा या नहीं.
निर्वाची पदाधिकारी ने जारी किया पत्र
इससे पहले निर्वाची पदाधिकारी रंजीत कुमार ने पत्रांक 1077 (दिनांक 9.6.2026) जारी कर परिमल नाथवाणी को आपत्तियों पर बिंदुवार जवाब देने का निर्देश दिया. 10 जून सुबह 11 बजे तक नाथवाणी को स्वयं, उनके निर्वाचन अभिकर्ता, प्रस्तावक या अधिकृत व्यक्ति को कार्यालय में उपस्थित होकर आपत्तियों का निराकरण करना होगा. इसी के साथ जेएमएम उम्मीदवार बैद्यनाथ राम और कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को भी 10 जून को सुबह 11 बजे निर्वाची पदाधिकारी कार्यालय में उपस्थित रहने के लिए चिट्ठी भेजी गई.
भूपेश बघेल का एक्स पोस्ट
इस बीच, राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के पर्यवेक्षक बनाए गए छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने मामले को लेकर एक्स पोस्ट में सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, “झारखंड राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवाणी के नामांकन पत्र में त्रुटि की सूचना प्राप्त हुई है. नामांकन पत्र की स्क्रूटनी के दौरान उनके खिलाफ आपत्तियां दर्ज होने के बाद निर्वाची पदाधिकारी ने फैसला 10 जून सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया है.



