Wednesday, July 22, 2026

तृणमूल कांग्रेस में सांसद काकोली घोष के बाद प्रवक्ता शांतनु सेन ने अपने पद से दिया इस्तीफ़ा

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में बगावत और इस्तीफ़ों का सिलसिला लगातार तेज़ हो रहा है. बुधवार को चार बार की सांसद रही काकोली घोष दस्तीदार के पार्टी के तमाम पदों से इस्तीफ़ा देने के बाद अब गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शांतनु सेन ने पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को पत्र भेज कर अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया.

हालांकि यह नहीं पता चल सका है कि उनका इस्तीफ़ा स्वीकार हुआ है या नहीं. चुनाव में हार के बाद पार्टी के कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से शीर्ष नेतृत्व और सरकार के कामकाज की आलोचना की है. कई नेताओं ने विभिन्न नगरपालिकाओं में अपने पद से इस्तीफ़े भी दिए हैं.

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पूर्व में हो चुके हैं निलंबित

शांतनु ने अपने पत्र में लिखा है कि आम लोगों की राय स्वीकार करते हुए उन्होंने इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया है. इससे पहले आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जूनियर डॉक्टर की मौत के बाद सेन ने अस्पताल में भ्रष्टाचार पर टिप्पणी की थी. उस समय पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उनको प्रवक्ता पद से हटाते हुए पार्टी से निलंबित कर दिया गया था. बाद में उनको दोबारा प्रवक्ता बनाया गया था.

बीजेपी सरकार की तारीफ़ 

वैसे, सेन ने बीते कुछ दिनों से बगावती सुर अपना रखा है. राज्य में नई सरकार के सत्ता में आने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बीजेपी सरकार का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को धन्यवाद दिया था. इसके बाद बुधवार को उन्होंने कहा था कि वह आरजी कर की घटना की नए सिरे से जांच में हरसंभव मदद करने को तैयार हैं.

लेकिन प्रवक्ता के पद से अचानक इस्तीफा क्यों दिया? इसके जवाब में सेन ने पत्रकारों से कहा, “पार्टी के प्रवक्ता के तौर पर मुझे कई अनैतिक कामों का समर्थन करना पड़ा था. विधानसभा चुनाव के नतीजों से साफ़ है कि आम लोगों ने आरजी कर की घटना और नौकरियों में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ वोट डाला है. लोगों की राय का सम्मान करते हुए मैंने इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया है.”

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एयर नाऊ स्पेशल

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