पटना: बिहार में सरकारी टेंडरों में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। टीम ने पटना के मीठापुर स्थित कांताराम सखी एंक्लेव में ठेकेदार रिशु श्री के फ्लैट पर छापेमारी की। सुबह करीब 8 बजे 8 सदस्यीय टीम फ्लैट नंबर 5A पहुंची और जांच शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, रिशु श्री पर सरकारी टेंडरों में हेराफेरी कर अपनी कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोप हैं।
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दस्तावेज और बैंक लेनदेन की जांच
SVU की टीम सुबह से ही फ्लैट में मौजूद दस्तावेजों, बैंक खातों के लेनदेन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में जुटी रही। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि सरकारी टेंडर हासिल करने के लिए किन अधिकारियों और लोगों से संपर्क किया गया था। रिशु श्री पर यह भी आरोप है कि उन्होंने कुछ IAS अधिकारियों और उनके परिवारों की विदेश यात्राओं का खर्च उठाया था।
BDO के ठिकानों पर भी कार्रवाई
इसी मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने दरभंगा के केवटी ब्लॉक के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) चंद्र मोहन पासवान के कई ठिकानों पर भी छापेमारी की। EOU की टीम ने कुल छह स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की। इनमें केवटी प्रखंड मुख्यालय स्थित कार्यालय और सरकारी आवास शामिल हैं। इसके अलावा मधुबनी जिले के बाबूबरही स्थित पैतृक घर, सीतामढ़ी के एक ठिकाने और दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र स्थित निजी आवास पर भी जांच चल रही है।
विदेश यात्रा का आरोप
करीब छह महीने पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक रिपोर्ट में रिशु श्री पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, 2017 बैच के IAS योगेश कुमार सागर और 2014 बैच की IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा के परिवार की विदेश यात्रा का खर्च रिशु श्री ने उठाया था। इसमें यात्रा, होटल और अन्य खर्च शामिल थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार, IAS अभिलाषा शर्मा के घर की छत पर की गई बागवानी पर करीब 9 लाख रुपए खर्च किए गए थे। आरोप है कि इस खर्च का इंतजाम भी रिशु श्री ने ही किया था। विशेष निगरानी इकाई के एडीजी पंकज दरद ने पहले ED की रिपोर्ट मिलने की पुष्टि की थी। उन्होंने कहा था कि मामला अपर मुख्य सचिव (निगरानी) के पास भेजा गया है और मंजूरी मिलने के बाद संबंधित IAS अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
पूर्व में हुई ED की छापेमारी
रिशु श्री पहले से ही प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत जांच का सामना कर रहे हैं। 25 नवंबर को ED ने अहमदाबाद, सूरत, गुरुग्राम और दिल्ली समेत देशभर में उनके 9 ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान ED को 33 लाख रुपए नकद, कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल उपकरण मिले थे।
जांच एजेंसियों का दावा है कि रिशु श्री ने सरकारी ठेके हासिल करने के लिए कई विभागों के अधिकारियों को भारी कमीशन दिया था। जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की जांच जारी है।
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