शिमला : हिमाचल प्रदेश की पुलिस ने दिल्ली पुलिस के क़रीब 20 जवानों को हिरासत में लिया है. हिमाचल प्रदेश पुलिस का कहना है कि दिल्ली पुलिस की टीम बगैर पूर्व सूचना के अंतर-राज्यीय गिरफ़्तारी के लिए आई थी. दरअसल, दिल्ली पुलिस ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन करने वाले तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को शिमला के रोहड़ू से हिरासत में लिया था. लेकिन सोलन ज़िले में हिमाचल प्रदेश पुलिस ने दिल्ली पुलिस की टीम को रोककर उनके क़रीब 20 जवानों को हिरासत में ले लिया.
राज्य पुलिस का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने स्थानीय पुलिस को कोई पूर्व सूचना नहीं दी, जो अंतर-राज्यीय गिरफ़्तारी के लिए ज़रूरी प्रक्रिया है. इससे पहले सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को कहा, “दिल्ली पुलिस ने हिमाचल सदन में मिडनाइट रेड की. मैं ख़ुद हिमाचल सदन में मौजूद था जब यह घटना हुई. मेरे साथी विधायक सुरेश कुमार ने मुझे सूचित किया कि दिल्ली पुलिस की टीम ने परिसर में छापेमारी की. मैं हैरान था. हमारे रेज़िडेंट कमिश्नर को भी इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई. मैं इसकी निंदा करता हूं.” उन्होंने आगे कहा, “यह रेड दुर्भाग्यपूर्ण थी और बिना किसी वारंट के की गई. यह ग़लत है और संवैधानिक प्रक्रिया के विरुद्ध है.”
गौरतलब है कि दिल्ली के भारत मंडपम में 20 फ़रवरी को एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया था. उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के ख़िलाफ़ नारे लगाए थे और प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ भी नारेबाज़ी की थी. इस मामले में अब तक आठ से अधिक यूथ कांग्रेस सदस्यों को गिरफ़्तार किया गया है, जिनमें राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब भी शामिल हैं.


