दिल्ली : भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच मजबूत होते रिश्तों में एक बार फिर भरोसे की झलक देखने को मिली है। युएई सरकार ने अपने नेशनल डे ‘ईद अल एतिहाद’ से पहले 900 से अधिक भारतीय कैदियों को रिहा करने का फैसला लिया है। इस फैसले की जानकारी अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास को सूची के जरिए सौंप दी गई। यह कदम दोनों देशों के बीच गहरे होते आपसी संबंधों और आपसी सम्मान को दर्शाता है।
दरअसल, युएई सरकार हर साल अपने राष्ट्रीय दिवस के मौके पर मानवीय आधार पर कैदियों को रिहा करती है। इसी कड़ी में इस बार भी 900 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को जेल से रिहा करने का निर्णय लिया गया। युएई का नेशनल डे ‘ईद अल एतिहाद’ हर साल 2 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिन 1971 में सात अमीरात के एक साथ होने की याद दिलाता है और देश के लिए गर्व का प्रतीक माना जाता है।
पिछले साल भी इसी अवसर पर युएई के राष्ट्रपति ने 2937 कैदियों की रिहाई का आदेश दिया था। इस बार सबसे खास बात यह है कि युएई के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कैदियों पर लगाए गए वित्तीय दंड यानी जुर्माने को भी माफ करने का वादा किया है। इससे न सिर्फ कैदियों को नई जिंदगी शुरू करने का मौका मिलेगा, बल्कि उनके परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी खत्म हो जाएगा।
इस मानवीय फैसले को भारत-युएई के मजबूत होते रिश्तों से जोड़कर देखा सकता है। हाल ही में युएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत के आधिकारिक दौरे पर आए थे। बीते 10 वर्षों में यह उनका पांचवां भारत दौरा और राष्ट्रपति के तौर पर तीसरा आधिकारिक दौरा था। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच रक्षा, रणनीतिक साझेदारी, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। साथ ही, युएई ने 2026 में भारत की ब्रिकक्स अध्यक्षता को पूरा समर्थन देने का भरोसा भी जताया।


