Monday, June 29, 2026

दिल्ली में कैंसर, लीवर की नकली दवाएं बेचने वाले 4 लोग गिरफ्तार, करोड़ो का सामान जब्त

न्यूज डेस्क: दिल्ली पुलिस ने देश भर में नकली दवाई सप्लाई करने वाले बड़े रैकेट का भंड़ाफोड़ करते हुए 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. ये लोग कथित तौर पर कैंसर, लीवर और अन्य गंभीर बीमारियों की नकली दवाइयां बनाते थे और बाजार में बेच दिया करते थे. वहीं छापेमारी के दौरान पुलिस को लगभग 10 करोड़ रुपए की नकली दवाएं और मशीनरी मिली.

यूनिटेल फार्मा के नाम पर सप्लाई शुरु

पुलिस के अनुसार, नकली दवाई बनाने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड मणिपुर निवासी मनोज कुमार मिश्रा है. कोरोना महामारी के दौरान वह सर्जिकल ग्लव्स और मास्क का कारोबार करता था, लेकिन 2022 में उनका कारोबार ठप हो गया. जिसके बाद उसने नकली दवाओं का अवैध धंधा शुरु किया. आरोप है कि उसने यूनिटेल फार्मा नाम से एक नेटवर्क बनाया और पूर्वोत्तर तथा पूर्वी भारत के कई राज्यों में नकली दवाओं की सप्लाई शुरु कर दी.

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नकली दवाइयां बिल्कुल असली

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गिरोह अत्याधुनिक मशीनों का इस्तोमाल कर दवाओं की पैकेजिंग तैयार करता था. वो पैकेजिंग बिल्कुल असली लगती थी कि लोगों और मरीज को असली और नकली दवाइयां पता तक नहीं चलती थी. पुलिस ने कहा वे लोग मरीजों के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ कर रहे थे. इस मामले में राजू मिश्रा अपनी अहम भूमिका निभा रहे थे. वहीं विक्रम सिंह और वतन सैनी पर आरोप है कि उन्होंने केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना से असली दवाएं बाहर निकालकर गिरोह तक पहुंचाने का काम किया है. फिलहाल एजेंसियां जांच कर रही है कि सरकारी सप्लाई चेन में और कौन-कौन शामिल थे.

करोड़ो की चीजे बरामद

पुलिस ने छापेमारी के दौरान 90 हजार से ज्यादा नकली कैप्सूल और गोलियां बरामद की है. इसके साथ ही भारी मात्रा में पैकेजिंग मशीनें और दस्तावेज भी मिले है. शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि इस अवैध कारोबार से गिरोह ने करोड़ों रुपए की कमाई की है. फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी किन-किन स्थानों में नकली दवाइयों की सप्लाई की है.

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