नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सियासी गलियारों में इस वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की अटकलें बेहद तेज हो चुकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के आगामी मॉनसून सत्र से ठीक पहले पीएम मोदी अपनी कैबिनेट का फेरबदल कर सकते हैं। इस फेरबदल में न केवल कई नॉन-परफॉर्मिंग मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है, बल्कि नीट ( NEET ) पेपर लीक जैसे बड़े विवादों से घिरे मंत्रियों के विभागों में भी भारी उलटफेर देखने को मिल सकता है।
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इस संभावित फेरबदल में जो सबसे चौंकाने वाली चर्चा है, वो यह कि देश के नए वित्त मंत्री के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर और वर्तमान में प्रधानमंत्री के प्रशासनिक प्रधान सचिव शक्तिकांत दास की एंट्री हो सकती है। वहीं, वर्तमान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को कैबिनेट से बाहर करने के बजाय उन्हें देश का नया शिक्षा मंत्री बनाया जा सकता है।
NEET पेपर लीक विवाद: धर्मेंद्र प्रधान की विदाई तय?
मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) पेपर लीक मामले के बाद मौजूदा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान देश भर में चौतरफा विरोध और छात्र संगठनों के निशाने पर हैं। लगातार उठ रही इस्तीफे की मांग के बीच सरकार पर कड़ा फैसला लेने का भारी दबाव है।
हालांकि, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर धर्मेंद्र प्रधान से सीधे मंत्रालय छीना जाता है, तो विपक्ष के सामने यह संदेश जाएगा कि सरकार झुक गई है। इसीलिए बीच का रास्ता निकालते हुए निर्मला सीतारमण को शिक्षा मंत्रालय की कमान सौंपी जा सकती है, जबकि धर्मेंद्र प्रधान को लेकर संगठन या किसी अन्य मंत्रालय में एडजस्ट करने की संभावना तलाशी जा रही है।
मोदी कैबिनेट के संभावित नए मंत्री
- नीतीश कुमार
- शक्तिकांत दास
- सुखेंदु शेखर राय
- तरुण चुग
- रागव चड्डा
- श्रीकांत शिंदे
- अनुराग ठाकुर
इन मंत्रियों का बदल सकता है विभाग, या बाहर का रास्ता!
- मनोहरलाल खट्टर
- रावनीत सिंह बिट्टू
- अश्विनी वैष्णव
- धर्मेन्द्र प्रधान
- निर्मला सितारमण
- हरदीप सिंह पुरी
- नितिन गडकरी
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शक्तिकांत दास क्यों माने जा रहे हैं वित्त मंत्रालय के लिए परफेक्ट?
69 वर्षीय पूर्व आईएएस अधिकारी शक्तिकांत दास के पास वित्तीय और प्रशासनिक मामलों का एक लंबा और बेदाग अनुभव है। साल 2018 से 2024 तक आरबीआई गवर्नर रहने के दौरान उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत की आर्थिक नीतियों का लोहा मनवाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर A+ रेटिंग हासिल की।
शक्तिकांत दास वित्त मंत्रालय में काम करते हुए 8 केंद्रीय बजट तैयार करने की प्रक्रिया का हिस्सा रह चुके हैं। उन्हें टैक्स, निवेश और जटिल आर्थिक नीतियों की बेहद गहरी समझ है। फिलहाल वे संसद के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि नवंबर 2026 में उत्तर प्रदेश से खाली हो रही राज्यसभा की 10 सीटों में से एक सीट के जरिए उन्हें 6 महीने के भीतर संसद भेजा जा सकता है।
यदि शक्तिकांत दास देश के वित्त मंत्री बनते हैं, तो वे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और देश के पहले आरबीआई गवर्नर सीडी देशमुख ( वित्त मंत्री 1950-1956 ) की उस ऐतिहासिक श्रेणी में शामिल हो जाएंगे, जिन्होंने आरबीआई की कमान संभालने के बाद देश की तिजोरी का प्रबंधन संभाला।
नौकरशाहों का घट सकता है कद?
चर्चा है कि इस फेरबदल में नौकरशाही से राजनीति में आए दो बड़े मंत्रियों- अश्विनी वैष्णव और हरदीप सिंह पुरी की भूमिका को थोड़ा कम किया जा सकता है। हरदीप सिंह पुरी की जगह पंजाब से किसी नए सिख चेहरे या राघव चड्ढा जैसे कद्दावर चेहरे को एनडीए खेमे के समीकरणों के तहत आजमाया जा सकता है।
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RSS की पसंद का भी रखा जाएगा ध्यान!
बीते दिनों भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( RSS ) के शीर्ष पदाधिकारियों के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठकों के बाद यह साफ है कि इस नए मंत्रिमंडल के गठन में संघ की पसंद और सामाजिक न्याय के एजेंडे को प्राथमिकता दी जाएगी। अब देखना यह होगा कि मॉनसून सत्र से पहले होने वाला यह बदलाव देश की आर्थिक नीति और आगामी चुनावों में बीजेपी के लिए कितना बड़ा गेमचेंजर साबित होता है।
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