Lifestyle Desk: कई बार जब हम सड़क या चौराहे से गुजरते हैं, तो पुलिस चेकिंग के दौरान कुछ लोग फोन भी मांग लेते हैं. ऐसे में लोग डर के कारण तुरंत अपना मोबाइल दे देते हैं. लेकिन सच ये है कि हर बार पुलिस आपके फोन को चेक नहीं कर सकती.
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आपका फोन, आपकी प्राइवेसी
सीधी बात ये है कि आपका मोबाइल सिर्फ कॉल करने का साधन नहीं है. इसमें आपकी फोटो, चैट, वीडियो और पर्सनल जानकारी होती है. इसलिए ये पूरी तरह आपकी निजी चीज है. भारतीय कानून भी आपको निजता का अधिकार देता है. मतलब बिना आपकी अनुमति कोई भी आपका फोन खोलकर नहीं देख सकता.
कब पुलिस फोन चेक कर सकती
अब ये समझना भी जरूरी है कि कुछ खास हालात में पुलिस को अधिकार होता है.अगर आपके खिलाफ कोई केस दर्ज है. या आप किसी बड़े मामले में संदिग्ध हैं. या फिर पुलिस के पास कोर्ट का सर्च वारंट है. इन स्थितियों में पुलिस आपका फोन चेक कर सकती है. अगर आप सिर्फ रास्ते से जा रहे हैं और सामान्य चेकिंग हो रही है. तो पुलिस आपका फोन मांगकर व्हाट्सएप, फोटो या सोशल मीडिया नहीं देख सकती. ऐसा करना नियमों के खिलाफ है.
अगर पुलिस जबरदस्ती करे तो
अगर कोई पुलिसकर्मी बिना वजह फोन मांगता है, तो घबराएं नहीं. आप शांति से पूछ सकते हैं कि फोन चेक करने का कारण क्या है. आप उनसे सर्च वारंट दिखाने को भी कह सकते हैं और अगर फिर भी जबरदस्ती की जाती है. तो उस पुलिसकर्मी का नाम और बैच नंबर नोट कर लें. आप इसकी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों या ऑनलाइन भी कर सकते हैं.


