Entertainment Desk: बिहार की कई लोककथाएं ऐसी हैं, जिनकी चर्चा पीढ़ियों से होती आ रही है। अब ऐसी ही एक कहानी थिएटर तक पहुंचने वाली है। बिहटा के पास एक जंगल के बीच मौजूद करीब 400 साल पुरानी मां वन देवी मंदिर और उससे जुड़ी लोककथा की झलक सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ में देखने को मिलेगी।
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मूर्ति नहीं पिंड के रूप में होती है पूजा
मां वन देवी का मंदिर राजधानी पटना से करीब 35 किलोमीटर दूर बिहटा के पास है। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि मां वन देवी जंगल और वहां के रहने वाले लोगों की रक्षा करती है। यहां देवी की पूजा किसी मूर्ति या प्रतिमा के स्वरूप में नहीं, बल्कि एक पवित्र पिंड के रूप में की जाती है।
रहस्यमयी घटनाओं से जुड़ी कहानी
अब बात करते हैं उस जगह की जहां से इसकी कहानी जुड़ी है, और जिसने इसे और भी ज्यादा खास बना दिया है। स्थानीय लोककथाओं में इस जंगल को लेकर कई बार पुरानी बातें सुनने को मिलती हैं। मान्यता है कि पहले शाम होने के बाद लिगों को जंगल में जाने से माना किया जाता था। इसके पीछे जंगल में होने वाली कथित रहस्यमयी घटनाओं की बातें कही जाती है। इसी वजह से शाम के बाद जंगल की तरफ न जाने की परंपरा आज भी सुनने को मिलती है।
मां वन देवी की लोककथा बनी फिल्म की प्रेरणा
खास बात यह है कि इस लोककथा का कनेक्शन अब बॉलीवुड की फिल्म ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ से जुड़ गया है। इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। वहीं, फिल्म में अनूप सोनी, सुनील ग्रोवर, श्वेता तिवारी और मनीष पॉल भी अभिनय कर रहे हैं। फिल्म का निर्देशन दीपक कुमार मिश्रा और अरुणाभ कुमार ने किया है। फिल्म के लेखक अरुणाभ कुमार ने बताया कि मां वन देवी मंदिर और जंगल से जुड़ी लीककथाओं ने उन्हें फिल्म की कहानी के लिए काफी प्रेरित किया है। फिल्म 25 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।


