रांची: झारखंड की राजधानी में सत्ता की नई तस्वीर साफ हो गई है। रांची नगर निगम चुनाव के नतीजों ने न केवल शहर का भविष्य तय किया है, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि रांची की राजनीति में अब नारी शक्ति का दबदबा है। 53 वार्डों वाली इस नगर परिषद में इस बार 32 महिला प्रत्याशियों ने जीत का परचम लहराया है, जबकि पुरुषों के खाते में 21 सीटें आई हैं।
Highlights:
निर्णायक भूमिका में महिलाएं
निगम बोर्ड में इस बार महिलाओं का बहुमत होना महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि शहर के विकास में उनकी निर्णायक भूमिका का संकेत है। कई वार्डों में महिलाओं ने न केवल जीत दर्ज की, बल्कि भारी अंतर से विरोधियों को पस्त किया।
वार्ड 23 से फरहा नाज 4370 वोटों के विशाल अंतर से जीत दर्ज कर अपनी लोकप्रियता साबित की। वार्ड 43 से शशि सिंह ने 2910 वोटों की बड़ी बढ़त के साथ परिषद में अपनी जगह बनाई। वार्ड 9 से प्रीति रंजन, 1907 वोटों और वार्ड 10 से संगीता देवी 1668 वोटों के अंतर से विजयी रहीं।
कई वार्डों में कांटे की टक्कर
नतीजों में जहां कुछ बड़ी जीतें दिखीं, वहीं कई वार्डों में मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। वार्ड 38 में मात्र 26 वोट का अंतर रहा। वार्ड 33 में 74 वोट, वार्ड 14 में 96 वोट और वार्ड 2 में 97 वोट का अंतर रहा। इन परिणामों ने यह दिखाया कि मतदाताओं ने कई जगह आखिरी वोट तक मुकाबला बनाए रखा। इन आंकड़ों से साफ है कि राजधानी के मतदाताओं ने उम्मीदवारों की क्षमता को तौलने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
पुरुष प्रत्याशियों का प्रदर्शन
भले ही संख्या बल में पुरुष प्रत्याशी पीछे रहे हों, लेकिन व्यक्तिगत जीत के मामले में वार्ड 52 से पीटर खोया ने कमाल कर दिया। उन्होंने 4673 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की, जो इस चुनाव की सबसे बड़ी जीतों में से एक है। इनके अलावा कुलभूषण डुंगडुंग (वार्ड 12), प्रदीप कुमार (वार्ड 26) और नीरज कुमार (वार्ड 31) ने भी अपने वार्डों में मजबूत पकड़ दिखाई।


