Thursday, July 23, 2026

कोडरमा में जंगली हाथियों का कहर, महुआ चुनने गई महिला को कुचलकर मार डाला

कोडरमा: झारखंड के जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रही है। बीते चार दिनों में तीन लोगों की जान जा चुकी है, जिससे ग्रामीणों में डर और गुस्से का माहौल है। ताजा घटना मरकच्चो थाना क्षेत्र के जामु हरलाडीह गांव की है, जहां एक महिला को हाथी ने बेरहमी से कुचलकर मार डाला। घटना रविवार तड़के सुबह 5 बजे की है.

बताया जा रहा है कि 55 वर्षीय सीता देवी महोदरा जंगल में महुआ चुनने गई थीं। इसी दौरान अचानक एक जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी ने उन्हें जमीन पर पटक दिया और पेट पर पैर रखकर कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके साथ गई अन्य महिलाएं किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहीं।

वन विभाग ने दी तत्काल सहायता

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। रेंज ऑफिसर रविंद्र कुमार ने पीड़ित परिवार को तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता राशि दी। साथ ही आश्वासन दिया कि मुआवजा प्रक्रिया पूरी होने के बाद शेष 3.75 लाख रुपये भी दिए जाएंगे। हाथियों का आतंक सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं है। झरीटांड और ढेबुआडीह गांव में भी शुक्रवार रात हाथियों ने जमकर तबाही मचाई। कई मवेशियों को कुचलकर मार डाला गया और गौशालाओं को नुकसान पहुंचाया गया। गांव के बाहर बंधे पशु भी हाथियों के हमले का शिकार बने।

पूर्व में दो की जा चुकी है जान

इससे पहले बुधवार को मरियमपुर और बोनाकाली इलाके में हाथियों के हमले में दो लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग घरों से निकलने में भी डर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक हाथी अपने झुंड से अलग हो गया है और वही लगातार हमले कर रहा है। वहीं, अन्य हाथियों का झुंड आसपास के जंगलों में मौजूद है, जिससे खतरा और बढ़ गया है।

यह भी पढ़ें: नितिन नवीन का विधायक पद से इस्तीफा टला, अचानक असम रवाना

वन विभाग के सामने चुनौती

वन विभाग की टीम हाथियों को काबू में करने की कोशिश कर रही है, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण उन्हें सफलता नहीं मिल पा रही है। लगातार हो रही घटनाओं ने विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रही मौतों और नुकसान से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोग वन विभाग से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि इस खतरे से निजात मिल सके और जनजीवन सामान्य हो सके।

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर