हेल्थ डेस्क: गर्मियों में पसीना आना बिल्कुल नेचुरल है। ये शरीर का कूलिंग सिस्टम है जो हमें हीट स्ट्रोक से बचाता है। हर इंसान का शरीर गर्मी पर अलग रिएक्ट करता है, इसलिए किसी को कम तो किसी को ज्यादा पसीना आता है। ये नॉर्मल है। लेकिन अगर आपको लग रहा है कि “इस बार पसीना हद से ज्यादा आ रहा है” और इसके साथ कुछ और लक्षण भी दिख रहे हैं, तो इसे हल्के में न लें। अब ये सिर्फ गर्मी का असर नहीं, बॉडी का अलार्म हो सकता है।
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ज्यादा पसीना कब है खतरनाक?
जब आप AC या छांव में हों फिर भी लगातार पसीना बह रहा हो, बिना वजह पसीना-पसीना हो जाते हों, तो सावधान हो जाएं। इनके साथ अगर ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें:
- बुखार – हल्का या तेज बुखार साथ में आना
- तेज धड़कन – बिना काम के दिल तेजी से धड़कना
- वजन घटना – बिना डाइटिंग के वजन तेजी से कम होना
- भूख कम लगना – खाने में मन न करना
- चक्कर या कमजोरी – अचानक बेहद थकान महसूस होना
ये साइन डिहाइड्रेशन, थायरॉइड, डायबिटीज या किसी अंदरूनी इंफेक्शन की तरफ इशारा कर सकते हैं।
ज्यादा पसीना = स्किन की मुसीबत
गर्मी + पसीना + नमी = स्किन प्रॉब्लम का कॉम्बो। इससे ये दिक्कतें बढ़ सकती हैं:
– एक्जिमा/डर्मेटाइटिस: पसीना लगने से खुजली और जलन बढ़ जाती है
– एलर्जी/अर्टिकेरिया: नमी से लाल चकत्ते, रैशेज निकल आते हैं
– फंगल इंफेक्शन: बगल, जांघ के बीच, गर्दन जैसे जगह जहां पसीना जमा होता है, वहां फंगस लगने का खतरा सबसे ज्यादा। इसलिए स्किन को हमेशा साफ और सूखा रखें।
पसीना कंट्रोल करने के 4 असरदार टिप्स
पसीना रोकना नामुमकिन है, पर मैनेज जरूर कर सकते हैं:
- कपड़े सही चुनें: सूती, ढीले-ढाले, हल्के रंग के कपड़े पहनें। सिंथेटिक और काले/लाल कपड़े अवॉइड करें – ये गर्मी सोखते हैं।
- टाइमिंग देखें: दोपहर 12 से 4 बजे तक धूप सबसे तेज होती है। इस समय बाहर निकलने से बचें।
- कूल रहें: पंखा, कूलर, AC या छांव में रहें। डायरेक्ट धूप से बचें।
- हाइड्रेटेड रहें: पानी, नींबू पानी, छाछ पीते रहें ताकि डिहाइड्रेशन न हो।
बॉटमलाइन: पसीना आना हेल्दी है, लेकिन बहुत ज्यादा + दूसरे लक्षण = डॉक्टर की सलाह जरूरी।
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