राँची : शनिवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर विज्ञान भारती के द्वारा एक राष्ट्रीय स्तर के ऑनलाइन वेबिनार का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झारखंड प्रांत के प्रांत सचिव डॉ. सी. एस. द्विवेदी के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम के इवेंट-कोऑर्डिनेटर रोशन कुमार मिश्रा रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में रोशन कुमार मिश्रा ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए महान भारतीय वैज्ञानिक डॉ. सी. वी. रमन के वैज्ञानिक योगदान की चर्चा की तथा विज्ञान को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया।
वेबिनार की प्रथम वक्ता डॉ. दीप्ति, सहायक प्राध्यापक, द ग्रेजुएट स्कूल कॉलेज फॉर विमेन, जमशेदपुर रहीं। उन्होंने “समुद्री स्थानिक नियोजन एवं ब्लू ग्रोथ : भारत की संभावनाएं” विषय पर व्याख्यान देते हुए समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग तथा राष्ट्रीय विकास में विज्ञान एवं महिलाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। इसके पश्चात द्वितीय मुख्य वक्ता डॉ. आलोक राज, पोस्टडॉक्टोरल शोधकर्ता, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-बीएचयू), वाराणसी ने “जलवायु परिवर्तन निगरानी एवं आपदा प्रबंधन में रिमोट सेंसिंग एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने जियोस्पेशियल तकनीक, रिमोट सेंसिंग एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से आपदा प्रबंधन एवं पर्यावरणीय निगरानी के आधुनिक आयामों को विस्तार से समझाया।
इस वेबिनार में कुल 106 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 52 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। कार्यक्रम में बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान मेसरा, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी, रांची विश्वविद्यालय रांची, केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड, सिक्किम विश्वविद्यालय, कोल्हान विश्वविद्यालय, अमिटी विश्वविद्यालय, पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़, पटना विश्वविद्यालय, राधा गोविंद विश्वविद्यालय रामगढ़, निर्मला कॉलेज रांची सहित देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने भाग लिया।


