रांची : झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन कार्यवाही शुरू होते ही सदन के अंदर मंत्री इरफान अंसराी और विधायक ममता देवी का कथित वायरल ऑडियो का मामला गूंजा, प्रश्नकाल शुरू होते ही नेता विपक्ष बाबूलाल मरांडी ने यह मामला उठाते हुए स्पीकर रवींद्रनाथ महतो से मामले की जांच कराने की मांग की। इस दौरान बाबूलाल मरांडी ने वायरल ऑडियो से संबंधित एक सीडी भी सदन के पटल पर रखते हुए उसे स्पीकर को सौंपा। बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाय़ा कि मामला बेहद गंभीर है, इसलिए इसकी जांच होनी जरूरी है।
Highlights:
धरने पर बैठे आजसू विधायक
इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होने के पहले आजसू विधायक तिवारी महतो धरने पर बैठ गए और नारा लगाने लगे कि अब झारखंड को भगवान भी शायद ना बचा पाए. अब तक तो यहां गरीब आम लोगों से अधिकारी लूटते थे और नेताओं का पॉकेट भरते थे. लेकिन अब तो विधायक से ही पैसा लेकर भी मंत्री काम नहीं कर रहे. दरअसल झारखंड के अखबार में एक खबर छपी थी, जिसके आधार पर उन्होंने यह बातें कही. इसके बाद इस मामले को बाबूलाल मरांडी ने विधानसभा में उठाया.
क्या है मामला
दरअसल मीडिया में आई खबरों के अनुसार इस पूरे प्रकरण के घेरे में कांग्रेस विधायक ममता देवी और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी है. खबर के मुताबिक एक ऑडियो वायरल हुआ है जिसमें ममता देवी यह आरोप लगा रही है कि पांच लाख रूपए देने के बाद भी मंत्री ने उनका काम नहीं किया. इस पूरे मामले पर ममता देवी ने भी अपना पक्ष रखा और इस खबर को निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. ऐसी कोई बात नहीं है. मीटिंग में कई तरह की बातें होती है जो आपस की चीज होती है, उनसे किसी ने पैसा नहीं लिया और ना ही कोई ऐसी बात है बेवजह विपक्ष मामले को तूल दे रहा है.
राधाकृष्ण किशोर ने कहा, पार्टी का मामला
विधानसभा के अंदर उठे इस मामले को लेकर संसदीय कार्य मंत्री व कांग्रेस विधायक राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि इस मामले को सदन में नहीं उठना चाहिए था, क्योंकि यह मामला सदन का नहीं है और ऐसी कोई घटना सदन में नहीं हुई है। यह मामला पार्टी विधायकों की बैठक से जुड़ा हुआ है, जिसे पार्टी के वरीय नेता देख रहे हैं और मामले की जांच पार्टी फोरम पर हो रही है, जांच के आधार पर इस मामले में कार्रवाई होगी। ऐसे में नेता विपक्ष को इस मामले को विधानसभा में उठाने से पहले इन बातों को ध्यान में रखना चाहिए।


