Wednesday, July 22, 2026

मणिपुर के कांगपोकपी ज़िले में फिर भड़की हिंसा, तीन नागरिकों की मौत

न्यूज डेस्क : मणिपुर के कांगपोकपी ज़िले में हिंसा की एक घटना में तीन लोगों की मौत हो गई है. कांगपोकपी थाने के प्रभारी मिन किपगेन ने बताया, “यह हमला शुक्रवार तड़के क़रीब 4 बजे किया गया. हथियारों से लैस संदिग्ध उग्रवादियों ने लोइबोल खुलेन गांव में अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई है.” उन्होंने आगे कहा, “हमलावरों ने कुछ घरों को भी आग लगा दी थी. फिलहाल पुलिस की टीम आस-पास के इलाक़ों में हमलावरों की तलाश में अभियान चला रही है.”

मृतकों की पहचान

पुलिस ने इस हमले में मारे गए लोगों की पहचान लेटखोंगम हाओकिप, उनकी पत्नी टिनमेरी हाओकिप और जांगमिनलाल हाओकिप के तौर पर की है. ये सभी लोइबोल खुलेन गांव के रहने वाले थे. इस ताजा हिंसा को लेकर कुकी जनजाति के जितने भी नागरिक संगठनों ने बयान जारी किया है, उसमें नगा चरमपंथी गुटों को जिम्मेदार ठहराया गया है. हालांकि अब तक नगा चरमपंथी समूहों की तरफ से घटना से संबंधित किसी भी आरोप का जवाब नहीं आया है.

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कुकी इनपी ने की हमले की निंदा

इस बीच कुकी-ज़ो जनजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाली शीर्ष संस्था, कुकी इनपी मणिपुर ने इस हमले की निंदा करते हुए नगा चरमपंथी संगठन एनएससीएन -आईएम और उसके कथित प्रॉक्सी समूह जेडयूएफ(के) को ज़िम्मेदार ठहराया है. इस हमले को लेकर कुकी इनपी ने एक बयान जारी कर कहा, “यह निहत्थे नागरिकों पर ‘बर्बर हमला’ है. निर्दोष ग्रामीणों की जानबूझकर हत्या और उनके घरों, आजीविका को नष्ट करना, मानवीय गरिमा और मौलिक मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है.”

उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार अपनी सुरक्षा एजेंसियों से इस घटना की तुरंत जांच शुरू करवाए. सरकार बिना किसी देरी के हमलावरों को पकड़कर पीड़ितों को न्याय देने की व्यवस्था करें.”

3 साल से हिंसा जारी 

मणिपुर में बीते तीन साल से जारी जातीय तनाव और हिंसा के माहौल में इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं. पहले यह हिंसा कुकी जनजाति और मैतेई समुदाय के बीच शुरू हुई और इस साल फरवरी से कुकी और मणिपुर में बसे नगा जनजाति के बीच नई हिंसा शुरू हो गई है.

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