Thursday, July 23, 2026

मनरेगा की जगह लेने वाला ‘विकसित भारत-जी राम जी’ बिल बना क़ानून, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दी मंज़ूरी

नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र से बीते हफ़्ते पारित ‘ विकसित भारत- जी राम जी’ बिल 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मंजूरी मिल गई है. अब ये क़ानून बन गया है. ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यूपीए सरकार के दौर की मनरेगा योजना की जगह लेगा. इस योजना के तहत ग्रामीण इलाक़ों में मज़दूरों को 125 दिनों के गारंटीड मज़दूरी वाले रोज़गार का प्रावधान किया गया है.

सरकार का कहना है कि नई योजना को ‘विकसित भारत 2047’ के नेशनल विज़न के मुताबिक़ ग्रामीण विकास का ढांचा तैयार करने के मक़सद से लाया गया है. सरकार इसे ग्रामीण जीवन को मजबूत आधार देने वाला ऐतिहासिक कदम बता रही है। सरकार का कहना है कि वीबी-जी राम जी कानून लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की कानूनी गारंटी पहले से ज्यादा मजबूत हो जाएगी।

देर रात तक संसद में चर्चा

बता दें, इस बिल पर देर रात तक संसद में चर्चा चली थी। इस मामले में विपक्ष का कहना था कि सरकार जानबूझकर मनरेगा का नाम बदल रही है, मनरेगा में महात्मा गांधी का भी नाम आता था, इसीलिए भाजपा इस नाम को हटाने के लिए ये बिल लाई। वहीं, सरकार का कहना था कि पहले की योजना में लोगों को 100 दिन का काम दिया जाता था। लेकिन अब इस कानून के तहत अब कम से कम 125 दिन काम देना आनिवार्य है।

फिर नाम बदलेंगे : कांग्रेस 

इस बहस के दौरान ही कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने भाजपा पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि जब भी कांग्रेस सत्ता में आएगी, तो वो इसका फिर नाम बदलेंगे। इन सब हंगामों के बीच इस बिल को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया था। हालांकि संसद में विपक्ष ने इस बिल का पुरजोर विरोध किया था। इतना ही नहीं, इसके बाद विपक्ष ने संविधान सदन के बाहर पूरी रात धरना भी दिया था।

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एयर नाऊ स्पेशल

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