न्यूज डेस्क : अमेरिका की ओर से ईरान पर 5,000 पाउंड (2270 किलो) के बंकर बस्टर इस्तेमाल की खबर है. यह इस बात का सबूत है कि अमेरिका को लगता है कि ईरान ने अपने कई हथियार ज़मीन के अंदर गहराई में छिपा रखे हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया है कि ईरान के तट पर स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के पास बने मिसाइल ठिकानों पर बंकर बस्टर का इस्तेमाल हुआ. हालांकि, यह नहीं बताया कि कौन-सी बम तकनीक इस्तेमाल की है.
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इस तरह के काम के लिए बम के लिए दो बम इस्तेमाल किए जाते हैं. जीबीयू-28 लेज़र-गाइडेड बम और जीबीयू-72 एडवांस्ड 5K पेनिट्रेटर (यह नया है और ज़्यादा संभावना है कि यही इस्तेमाल हुआ हो). जीबीयू-72 को पहली बार 2021 में टेस्ट किया गया था. यह बड़ा बम है जो जॉइंट डायरेक्ट अटैक म्यूनिशन तकनीक से चलता है. इसे सैटेलाइट और इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम से लक्ष्य तक पहुंचाया जाता है.
टेस्टिंग के समय अमेरिकी वायुसेना ने कहा था कि जीबीयू-72 को ख़ास तौर पर गहराई में बने मज़बूत ठिकानों को नष्ट करने के लिए बनाया गया है. यह लड़ाकू और बमवर्षक दोनों तरह के विमानों से चलाया जा सकता है.
इसराइल के रक्षा मंत्री का दावा
इधर इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने दावा किया है कि ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर इस्माइल ख़ातिब मारे गए. कात्ज़ ने बयान में कहा, “पिछली रात ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर ख़ातिब को भी ख़त्म कर दिया गया.” हालांकि ईरान ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है. हालांकि, इसराइली मीडिया ने रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से पहले ही बता दिया था कि इस्माईल ख़ातिब को निशाना बनाया गया था.
ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर इस्माइल ख़ातिब को पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने 2021 में नियुक्त किया था. ख़ातिब ने कई बड़े धर्मगुरुओं से इस्लामी क़ानून की पढ़ाई की थी, जिनमें ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई भी शामिल थे. 2022 में अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने ख़ातिब को ‘अमेरिका और उसके सहयोगियों के ख़िलाफ़ साइबर गतिविधियों में शामिल होने’ के कारण प्रतिबंधित किया था.


