न्यूज डेस्क: तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री विजय की सरकार में अब इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और विदुथलाई चिरुथइगल काची (VCK) भी शामिल हो गए हैं। शुक्रवार को दोनों दलों के एक-एक विधायक को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। IUML के विधायक शाहजहां और VCK के विधायक वन्नी अरासू ने मंत्री पद की शपथ ली। इस कदम को विजय सरकार के गठबंधन विस्तार और राजनीतिक संतुलन की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है।
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VCK नेता ने पहले ही दिए थे संकेत
इस राजनीतिक घटनाक्रम से एक दिन पहले VCK प्रमुख थोल. थिरुमावलवन ने कहा था कि उनकी पार्टी सरकार में शामिल होने के प्रस्ताव पर विचार करेगी। उन्होंने साफ किया था कि उनकी पार्टी ने समर्थन के बदले किसी मंत्री पद की मांग या शर्त नहीं रखी थी। हालांकि अब विजय सरकार ने VCK के विधायक वन्नी अरासू को मंत्री बनाकर पार्टी को सरकार में प्रतिनिधित्व दे दिया है। इससे यह साफ हो गया है कि सरकार अपने सहयोगी दलों को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम कर रही है।
गठबंधन राजनीति को मिलेगा फायदा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि IUML और VCK को सरकार में शामिल करने से विजय सरकार को सामाजिक और क्षेत्रीय स्तर पर मजबूती मिलेगी। दोनों दलों का अपने-अपने समुदायों में अच्छा प्रभाव माना जाता है। विशेष रूप से VCK दलित राजनीति में मजबूत पकड़ रखती है, जबकि IUML अल्पसंख्यक समुदाय के बीच प्रभावशाली मानी जाती है। ऐसे में इन दलों की भागीदारी सरकार के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विपक्ष की भी नजर
सरकार के इस विस्तार पर अब विपक्ष की नजर भी बनी हुई है। विपक्षी दल इसे आगामी राजनीतिक समीकरणों और चुनावी रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं विजय समर्थकों का कहना है कि यह कदम गठबंधन को और मजबूत बनाएगा और सरकार को स्थिरता देगा। तमिलनाडु की राजनीति में इस नए बदलाव के बाद आने वाले दिनों में और भी राजनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है।
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