मुंबई: मुंबई के मीरा रोड इलाके में हुई चाकूबाजी की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआत में इसे सामान्य आपराधिक घटना माना जा रहा था, लेकिन आरोपी के घर से मिले संदिग्ध दस्तावेजों और कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े संकेतों के बाद मामले की जांच अब महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ता को सौंप दी गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा था या नहीं।
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मीरा रोड में कैसे हुई घटना
घटना मीरा रोड ईस्ट के नया नगर इलाके में स्थित वॉकहार्ट अस्पताल के पीछे एक निर्माणाधीन इमारत की है। यहां तैनात दो सिक्योरिटी गार्ड्स पर एक युवक ने चाकू से हमला कर दिया। घायल गार्ड्स की पहचान राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन के रूप में हुई है। दोनों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपी पहले वहां पहुंचा और मस्जिद का रास्ता पूछकर चला गया। कुछ देर बाद वह दोबारा लौटा और गार्ड से उसका धर्म पूछने लगा। आरोप है कि उसने गार्ड से कलमा पढ़ने को कहा। जब गार्ड ने ऐसा करने से इनकार किया तो आरोपी ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद वह सिक्योरिटी केबिन में घुसा और दूसरे गार्ड पर भी हमला कर दिया।
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डेढ़ घंटे में आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपी की पहचान कर ली। करीब डेढ़ घंटे के भीतर 31 वर्षीय आरोपी जुबैर अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत में पेश करने के बाद उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। मामले ने उस समय गंभीर मोड़ ले लिया जब पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कुछ नोट्स और दस्तावेज मिले जिनमें कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े शब्द लिखे हुए थे। जांच में लोन वुल्फ, जिहाद और गाज़ा जैसे शब्द मिलने की बात सामने आई है। कुछ अंग्रेजी नोट्स में धमकी भरे संदेश भी पाए गए हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी किसी आतंकी संगठन की विचारधारा से प्रभावित था या नहीं।
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अमेरिका में रह चुका है आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी साइंस ग्रेजुएट है और कई वर्षों तक अमेरिका में रह चुका है। भारत लौटने के बाद वह मीरा रोड इलाके में अकेला रह रहा था और ऑनलाइन केमिस्ट्री पढ़ाने का काम करता था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि लंबे समय तक अकेले रहने और नौकरी संबंधी परेशानियों के कारण वह इंटरनेट पर कट्टरपंथी कंटेंट की तरफ आकर्षित हुआ। ATS अब आरोपी के मोबाइल फोन, इंटरनेट हिस्ट्री, सोशल मीडिया अकाउंट्स और कॉल रिकॉर्ड्स की गहन जांच कर रही है। एजेंसियों को शक है कि आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा के संपर्क में आया था।


