नई दिल्ली : दिल्ली वालों के लिए बुरी खबर है। जून महीने से आपकी बिजली का बिल बढ़कर आने वाला है। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) ने पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट यानी PPAC चार्ज में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। PPAC बढ़ने से बिजली के फाइनल बिल पर 1% से 3.30% तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
Highlights:
कितना बढ़ेगा बिल?
डीईआरसी ने अलग-अलग कंपनियों के लिए अलग दरें तय की हैं.
–BRPL (दक्षिणी दिल्ली): पुराना बेस रेट 14.51% था, जिसे बढ़ाकर 17.94% किया गया (3.43% की बढ़ोतरी).
–BYPL (पूर्वी और मध्य दिल्ली): पुराना बेस रेट 11.71% था, जिसे बढ़ाकर 17.43% किया गया (5.72% की बढ़ोतरी).
–TPDDL (उत्तर व पश्चिम दिल्ली): पुराना रेट 15.99% था, जिसे बढ़ाकर 16% किया गया (0.01% की नाममात्र बढ़ोतरी).
PPAC चार्ज क्या होता है?
PPAC वो चार्ज है जो बिजली कंपनियां कोयला और गैस के बढ़े दाम की भरपाई के लिए लगाती हैं। जब बिजली बनाने की लागत बढ़ती है, तो कंपनियां हर 3 महीने में DERC से PPAC बढ़ाने की मांग करती हैं। इस बार गर्मी में बिजली की डिमांड बढ़ने और कोयले के दाम में तेजी के कारण यह बढ़ोतरी की गई है।
किसे होगा असर?
यह बढ़ोतरी दिल्ली की तीनों डिस्कॉम – BSES यमुना, BSES राजधानी और टाटा पावर DDL के सभी घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं पर लागू होगी। यानी करीब 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं का बिल बढ़ेगा।
सरकार का क्या कहना है?
विपक्ष ने इस बढ़ोतरी का विरोध किया है। उनका कहना है कि गर्मी में पहले ही बिजली की खपत बढ़ जाती है, ऊपर से रेट बढ़ाना जनता पर दोहरी मार है। वहीं बिजली कंपनियों का तर्क है कि लागत बढ़ने से उनके पास कोई विकल्प नहीं था।
फिलहाल यह बढ़ोतरी जून से अगस्त तक के लिए लागू की गई है। सितंबर में फिर से PPAC की समीक्षा होगी।



