Saturday, June 13, 2026

रामगढ़ में अवैध कोयला खनन में जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी से चार युवकों की मौत

रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में शनिवार सुबह अवैध कोयला खनन के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। सीसीएल अरगडा की बंद भूमिगत खदान के विपरित काजू बगान जंगल क्षेत्र में बनी एक अवैध सुरंग (लगभग 30 फीट गहरा गड्ढा) के भीतर चार यवकों की दम घुटने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार खदान के अंदर ऑक्सीजन की भारी कमी और जहरीली गैसों की मौजूदगी के कारण यह हादसा हुआ। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और अफरातफरी का माहौल बन गया।

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सूचना मिलते ही शुरू हुआ रेस्कयू ऑपरेशन

घटना की जानकारी मिलते ही सीसीएल अरगडा के सुरक्षा अधिकारी और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद माइंस रेस्क्यू टीम और गिद्दी अस्पताल को सूचना दी गई। माइंस सुपरिटेंडेंट विकास कुमार के नेतृत्व में 12 सदस्यीय रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंची। वहीं डॉ. सागर कुमार के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम भी एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गई। रेस्क्यू टीम ने काफी प्रयास के बाद खदान के अंदर फंसे चारों युवकों को बहार निकाला। मृतकों की पहचान सिरका बुधबाजार निवासी किशोर और आशीष तथा टोंगी निवासी देवा और डब्लू के रूप में हुई है। बाहर निकालने के बाद चिकित्सकों ने उनकी जांच की, लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण परिजन उन्हें रांची रोड स्थित होप अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।

जांच में सामने आई ऑक्सीजन की कमी

माइंस रेस्क्यू टीम के अनुसार खदान के ऊपरी हिस्से में ऑक्सीजन का स्तर करीब 9 प्रतिशत था, जबकि अंदर गहराई में यह घटकर मात्र 2 प्रतिशत रह गया था। इसके अलावा खदान के भीतर कार्बन डाइऑक्साइड सहित कई जहरीली गैसों की मौजूदगी भी पाई गई। हादसे की सूचना मिलते ही रामगढ़ थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन प्रकाश पांडेय और कुजू ओपी प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतकों के परिजन भी मौके पर जमा हो गए।

अवैध खनन पर फिर उठे सवाल

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर बंद खदानों में हो रहे अवैध खनन और सुरक्षा और व्यवस्था की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन की गतिविधियां चल रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। चार युवकों की मौत के बाद प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने पूरे मामले की जांच कराने तथा अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे अवैध खनन स्खलों पर रोक लगाई जाती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं।

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