न्यूज डेस्क: पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ TMC को बुधवार को बड़ा झटका लगा, जब बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। हालांकि उन्होंने साफ किया कि वह सांसद बनी रहेंगी और पार्टी की साधारण कार्यकर्ता के रूप में लोगों के बीच काम करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन्होंने गहरे मानसिक द्वंद्व और लंबे विचार-विमर्श के बाद लिया है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के प्रति सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें संगठन के भीतर उचित सहयोग और सहानुभूति नहीं मिली।
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महिला सांसदों के व्यवहार पर उठाए सवाल
अपने बयान में काकोली घोष ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान एक अन्य शिक्षित महिला सांसद का अन्य महिला सांसदों के प्रति अनुचित व्यवहार रोक पाना संभव नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि उच्च नेतृत्व से पर्याप्त समर्थन नहीं मिला। ऐसी स्थिति में पद पर बने रहने का अब कोई मतलब नहीं रह गया है। टीएमसी सांसद ने कहा कि पिछले एक दशक में पश्चिम बंगाल और पार्टी से जुड़े कई विवादों और आरोपों ने उन्हें अंदर से परेशान किया है। उन्होंने राशन वितरण घोटाले, शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार और अन्य वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं से आम लोगों में गुस्सा और अविश्वास बढ़ा है।
मेडिकल कॉलेज और I-PAC का भी किया जिक्र
काकोली घोष ने आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर की अस्वाभाविक मौत और उससे जुड़े कथित सबूतों से छेड़छाड़ के मामले को भी गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से इसके नैतिक प्रभाव को गहराई से महसूस किया। सांसद ने I-PAC से जुड़े आरोपों पर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि अगर लोकतांत्रिक राजनीतिक संस्कृति की जगह अपारदर्शी और अलोकतांत्रिक प्रभाव संगठन पर हावी होने लगें, तो यह पार्टी के आदर्शों और परंपराओं के लिए ठीक नहीं है।
पार्टी नहीं छोड़ेंगी काकोली घोष
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका फैसला किसी व्यक्तिगत विवाद या नाराजगी के कारण नहीं है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी नहीं छोड़ रही हैं और टीएमसी की साधारण कार्यकर्ता के रूप में जनता के साथ काम करती रहेंगी। काकोली घोष का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब हाल ही में ममता बनर्जी ने उन्हें टीएमसी संसदीय दल के मुख्य सचेतक पद से हटाकर यह जिम्मेदारी वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को सौंप दी थी।
विपक्ष के नेता की बैठक में हुई थीं शामिल
इससे पहले मंगलवार को काकोली घोष छह अन्य विधायकों के साथ कल्याणी में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की प्रशासनिक समीक्षा बैठक में शामिल हुई थीं। बैठक में टीएमसी के कई विधायक भी मौजूद थे, जिनमें देगंगा के विधायक अनिसुर रहमान विश्वास, स्वरूपनगर की बीना मंडल और हरोआ के मोहम्मद अब्दुल मतीन समेत अन्य नेता शामिल थे।
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