पटना : पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार को लेकर बुधवार को पटना में सैकड़ों छात्रों ने राजभवन मार्च निकाला। मार्च के दौरान गांधी मैदान के पास जेपी गोलंबर पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई। राजभवन की ओर बढ़ रहे छात्रों को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने पहले समझाने का प्रयास किया और फिर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
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आइसा के नेतृत्व में राजभवन मार्च
जेपी गोलंबर से निकले छात्र डाकबंगला चौराहा पहुंच गए। वहां भी बड़ी संख्या में पुलिस मुस्तैद हो गई है। बैरिकेडिंग कर दी गई है। आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं राजभवन मार्च के लिए निकले थे। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर जुलूस को रोक दिया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक लौटने की अपील की, लेकिन कुछ छात्र आगे बढ़ने पर अड़ गए। इसी दौरान धक्का-मुक्की हुई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
वाटर कैनन के बाद लाठीचार्ज
प्रदर्शनकारियों के बैरिकेडिंग तोड़ने के प्रयास के बाद पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछार की। इसके बावजूद प्रदर्शन जारी रहने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को पीछे हटाया। कुछ देर तक मौके पर अफरातफरी का माहौल बना रहा। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति नियंत्रण में आई।
ये थीं छात्रों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि देशभर में सामने आए पेपर लीक मामलों की फास्ट ट्रैक जांच कराई जाए। शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार पर रोक लगे, शिक्षा के निजीकरण पर प्रभावी कार्रवाई हो और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। प्रदर्शनकारियों ने हाल के भर्ती परीक्षा विवादों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को भी उठाया।
दिल्ली आंदोलन का भी किया समर्थन
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि यह मार्च दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में निकाला गया। उनका आरोप था कि शांतिपूर्ण आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई की जा रही है, जिसके विरोध में पटना में भी प्रदर्शन आयोजित किया गया। पुलिस कार्रवाई के बाद भी प्रदर्शनकारी कुछ समय तक जेपी गोलंबर के आसपास डटे रहे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।


