न्यूज डेस्क: एडटेक कंपनी BYJU’S के संस्थापक बायजू रवींद्रन को सिंगापुर की एक अदालत ने कोर्ट की अवमानना के मामले में 6 महीने जेल की सजा सुनाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अदालत ने उन पर 70,500 डॉलर का जुर्माना भी लगाया है। उन पर कोर्ट के कई आदेशों का पालन नहीं करने का आरोप है।
Highlights:
कोर्ट ने बायजू रवींद्रन को सरेंडर करने, जुर्माने की रकम जमा करने और बीआर इन्वेस्टको प्राइवेट लिमिटेड की कानूनी मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है। हालांकि, इस मामले में रवींद्रन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह इस समय सिंगापुर में मौजूद हैं या नहीं।
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निवेशकों ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
बायजू में दुनियाभर के कई बड़े निवेशकों ने पैसा लगाया था। लेकिन कंपनी के आर्थिक संकट में आने के बाद अब निवेशक अपना निवेश वापस मांग रहे हैं। इसी वजह से रवींद्रन के खिलाफ कई देशों में कानूनी मामले चल रहे हैं। सिंगापुर में उनके खिलाफ कतर इनवेस्टमेंट अथॉरिटी की सहयोगी कंपनी कतर होल्डिंग्स ने मामला दर्ज कराया है। इस कंपनी ने बायजू में एक फंडिंग राउंड के दौरान निवेश किया था।
सफलता से संकट तक का सफर
बायजू रवींद्रन को कभी भारतीय स्टार्टअप जगत की सबसे बड़ी सफलता की कहानी माना जाता था। साल 2015 में शुरू हुई कंपनी ने ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से पहचान बनाई। साल 2019 में कंपनी को यूनिकॉर्न का दर्जा मिला और 2022 तक इसकी वैल्यू करीब 22 अरब डॉलर पहुंच गई थी। उस समय यह भारत की सबसे वैल्यूएबल स्टार्टअप कंपनियों में शामिल थी। लेकिन कुछ ही वर्षों में कंपनी आर्थिक संकट, कर्ज और कानूनी विवादों में फंस गई। अब कंपनी की वैल्यू लगभग शून्य बताई जा रही है।
बायजू रवींद्रन की नेटवर्थ भी हुई खत्म
रिपोर्ट्स के अनुसार, अप्रैल 2023 की शुरुआत में बायजू रवींद्रन की नेटवर्थ करीब 2.1 अरब डॉलर थी। लेकिन मौजूदा समय में उनकी नेटवर्थ भी लगभग शून्य हो चुकी है। पिछले कुछ वर्षों में बायजू लगातार विवादों में रही। कंपनी पर कर्मचारियों की छंटनी, वित्तीय गड़बड़ी और निवेशकों के साथ विवाद जैसे आरोप लगे। एक समय कंपनी ने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की थी, जबकि दूसरी ओर अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी को अपना ब्रांड एंबेसेडर बनाया था।
अक्टूबर 2024 में बायजू रवींद्रन ने कंपनी की खराब स्थिति के लिए निवेशकों को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था कि जब कंपनी तेजी से आगे बढ़ रही थी, तब निवेशक उनके साथ थे, लेकिन संकट के समय उन्होंने साथ छोड़ दिया। फिलहाल कंपनी कई कानूनी और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है और उसके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
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