न्यूज डेस्क : दुनिया के सबसे बड़े ग़ैस फ़ील्ड में शुमार ईरान के साउथ पार्स पर बुधवार को इजरायल के हुए हमले के जवाब में ईरान ने बुधवार रात क़तर के सबसे बड़े एनर्जी क्षेत्र रास लाफ़ान पर हमला किया जिसमें काफ़ी नुक़सान की ख़बरें हैं. क़तर की सरकारी पेट्रोलियम कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि बुधवार मिसाइल हमले से उसके मुख्य गैस प्लांट में आग लग गई, जिससे भारी नुकसान हुआ. इसके बाद क़तर ने ईरान के दो राजनयिकों को निष्कासित कर दिया.
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इससे पहले फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि साउथ पार्स गैस फ़ील्ड पर बने पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हुए हवाई हमले में तीसरे, चौथे, पांचवें और छठे चरण में कुछ गैस भंडार और फ़ैसिलिटीज़ को निशाना बनाया गया. साउथ पार्स पर हमले के बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अन्य ऊर्जा ठिकानों पर आगे और विनाशकारी हमलों की धमकी दी और कहा कि ऊर्जा क्षेत्र पर किसी भी हमले का वह कड़ा जवाब देगा.
ईरान के राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया
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फ्रांस के राष्ट्रपति की अपील
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि ईरान और क़तर के गैस प्रोडक्शन फ़ेसिलिटीज़ पर हमलों के बाद उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप और क़तर के अमीर से बात की है. उन्होंने एक्स पर लिखा, “नागरिक ढांचे, विशेषकर ऊर्जा और जल आपूर्ति सुविधाओं को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमलों पर तत्काल रोक लगाना हमारे साझा हित में है. नागरिक आबादी और उनकी मूलभूत ज़रूरतों के साथ-साथ ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा को सैन्य तनाव से बचाना आवश्यक है.”
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया
ट्रंप ने अपने सोशल ट्रुथ अकाउंट पर लिखा, “मध्य पूर्व में हुई घटनाओं को लेकर ग़ुस्से में इसराइल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फ़ील्ड नामक एक बड़े ठिकाने पर हमला किया. पूरे क्षेत्र का केवल एक छोटा हिस्सा ही प्रभावित हुआ है. अमेरिका को इस ख़ास हमले की कोई जानकारी नहीं थी और क़तर का इससे किसी भी तरह का कोई लेना देना नहीं था, न ही उसे इस हमले की पहले से कोई जानकारी थी.”
“दुर्भाग्य से, ईरान को इन तथ्यों की जानकारी नहीं थी और उसने बिना उचित कारण के क़तर के एलएनजी गैस ठिकाने के एक हिस्से पर हमला कर दिया. अब इस बेहद अहम और क़ीमती साउथ पार्स फ़ील्ड पर इसराइल की ओर से कोई और हमला नहीं किया जाएगा, जब तक कि ईरान कोई अविवेकपूर्ण क़दम उठाते हुए एक निर्दोष देश क़तर पर हमला नहीं करता.”
ट्रंप ने लिखा, “ऐसी स्थिति में, अमेरिका, इसराइल की मदद या सहमति के साथ या बिना उसके भी, साउथ पार्स गैस फ़ील्ड को पूरी ताक़त के साथ नष्ट कर देगा, ऐसी ताक़त के साथ जिसे ईरान ने पहले कभी नहीं देखा होगा. मैं इस स्तर की हिंसा और तबाही को मंजूरी नहीं देना चाहता, क्योंकि इसके ईरान के भविष्य पर लंबे समय तक असर होंगे. लेकिन अगर क़तर के एलएनजी ठिकाने पर फिर हमला होता है, तो मैं ऐसा करने में हिचकिचाऊंगा नहीं.”


