दिल्ली: झारखंड में चर्चित सेवायत भूमि अनियमितता मामले में करीब एक साल से जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे ने अब जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपनी बेल याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है, जिसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार मामले की सुनवाई 15 मई को हो सकती है।
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झारखंड हाईकोर्ट ने खारिज की थी जमानत याचिका
इससे पहले 28 अप्रैल को झारखंड हाईकोर्ट ने विनय चौबे की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर जमानत देने की मांग की है। विनय चौबे जिस मामले में जेल में बंद हैं, वह हजारीबाग जिले में हुए कथित भूमि घोटाले से जुड़ा है। इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि जमीन से जुड़े दस्तावेजों और प्रक्रियाओं में अनियमितताएं की गई थीं।
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73 लोगों को बनाया गया आरोपी
इस मामले में कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। आरोपियों में विनय चौबे के करीबी विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन अंचल अधिकारी शैलेश कुमार और ब्रोकर विजय सिंह समेत कुल 73 लोगों के नाम शामिल हैं। मामले की जांच फिलहाल ACB द्वारा की जा रही है। एजेंसी जमीन सौदों, दस्तावेजों और कथित वित्तीय लेनदेन की जांच में जुटी हुई है। इस मामले को राज्य के चर्चित भूमि घोटालों में से एक माना जा रहा है।




