नई दिल्ली : केंद्र सरकार के उर्वरक विभाग की संयुक्त सचिव अपर्णा शर्मा ने सोमवार को बताया कि विभाग की ओर से उर्वरकों की आपूर्ति में विविधता लाने के लिए ज़रूरी क़दम उठाए जा रहे हैं. दरअसल, ईरान युद्ध की वजह से होर्मुज़ स्ट्रेट बंद होने से ऊर्जा संकट के बाद अब आने वाले समय में उर्वरकों की कमी की आशंका जताई जा रही है. गर्मियों के बाद मानसून में खरीफ की फ़सलें बोई जाएंगी. ऐसे में देश में उर्वरकों की आपूर्ति को लेकर चर्चाएं चल रही हैं.
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मध्य-पूर्व संकट को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस की. इसमें उर्वरक विभाग की संयुक्त सचिव अपर्णा शर्मा ने देश में उर्वरक आपूर्ति को लेकर जानकारी दी. उन्होंने कहा, “यूरिया और डीएपी के हमारे जो बड़े सप्लायर्स हैं, उन सभी के साथ हम बहुत क़रीबी संपर्क में हैं, जिससे कि हमारे पास उर्वरक उपलब्ध रहे.”
उन्होंने कहा कि उर्वरकों के स्रोतों में विविधता लाने के लिए क़दम उठाए जा रहे हैं. अपर्णा शर्मा ने कहा, “खाड़ी देशों के अलावा रूस, मोरक्को, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, मलेशिया, जॉर्डन, कनाडा, अल्जीरिया, मिस्र और टोगो जैसे देशों से उर्वरकों की आपूर्ति में विविधता लाने के लिए सक्रिय क़दम उठाए जा रहे हैं.”


