पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया मोड़ आया है। मुर्शिदाबाद से विधायक और तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित किए गए हुमायूं कबीर ने अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपनी पार्टी का नाम जनता उन्नयन पार्टी रखा है।
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पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न
हुमायूं कबीर ने बताया कि उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य आम लोगों का विकास है। इसी सोच के आधार पर पार्टी का नाम जनता उन्नयन पार्टी रखा गया है। उन्होंने कहा कि उन्नयन का मतलब विकास होता है और उनकी पार्टी सिर्फ जनता के हित और विकास की राजनीति करेगी। पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर भी उन्होंने जानकारी दी। हुमायूं कबीर ने कहा कि उनकी पहली पसंद चुनाव चिह्न के रूप में टेबल है, जबकि दूसरी पसंद जोड़े गुलाब (ट्विन रोजेज) है। चुनाव आयोग से मंजूरी मिलने के बाद चिह्न को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी
हुमायूं कबीर ने कहा कि जरूरत पड़ने पर उनकी पार्टी राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। उन्होंने साफ किया कि पार्टी पूरी तरह से चुनाव के लिए तैयार है और जनता के मुद्दों को लेकर मैदान में उतरेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी के नाम की औपचारिक घोषणा आज दोपहर जिले के रेजीनगर में आयोजित एक सभा के दौरान की जाएगी। इस सभा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मीडिया से बातचीत में हुमायूं कबीर ने कहा कि उनकी पार्टी किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि सभी लोगों के विकास की बात करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा राजनीति में आम जनता के मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसे उनकी पार्टी उठाएगी।
विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील
हुमायूं कबीर ने तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के विरोधी दलों से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में सभी विपक्षी दलों को मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए, ताकि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार को सत्ता से हटाया जा सके। हुमायूं कबीर की नई पार्टी के ऐलान के बाद बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता उन्नयन पार्टी राज्य की राजनीति में कितना असर डाल पाती है और आने वाले विधानसभा चुनाव में क्या भूमिका निभाती है।


