Thursday, July 23, 2026

सुप्रीम कोर्ट ने बरेली में सपा नेता के मैरिज हॉल पर बुलडोजर कार्रवाई रोकी

उत्तरप्रदेश : बरेली में समाजवादी पार्टी के नेता सरफराज वली के मैरिज हॉल ‘ऐवान-ए-फरहत’ पर तीन दिनों से चल रही बुलडोजर कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रोक लगा दी। अदालत ने सपा नेता को बड़ी राहत देते हुए कहा कि फिलहाल मैरिज हॉल पर कोई कार्रवाई न की जाए और वे एक हफ्ते के भीतर हाईकोर्ट में अपनी बात रखें। कोर्ट के आदेश के बाद मौके पर मौजूद BDA की टीम बुलडोजर लेकर लौट गई और भारी पुलिस बल भी हटा लिया गया। यह मामला पिछले कई दिनों से उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ था।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

सपा नेता सरफराज वली का मैरिज हॉल ऐवान-ए-फरहत बरेली के इज़्ज़तनगर क्षेत्र में बना है। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने आरोप लगाया कि यह मैरिज हॉल बिना मंजूरी के बनाया गया था और इसमें कई निर्माण मानकों का उल्लंघन किया गया। प्रशासन का कहना था कि मैरिज हॉल की बिल्डिंग मैप पास नहीं कराया गया और अवैध हिस्से को हटाने के लिए बार-बार नोटिस दिए गए, पर जवाब संतोषजनक नहीं मिला। तीन दिन पहले BDA की टीम भारी पुलिस बल और PAC के साथ मैरिज हॉल पर पहुंची और अवैध हिस्से को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी। पहले दिन से ही सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध किया, लेकिन पुलिस बल के कारण कोई बड़ा हंगामा नहीं हुआ।

Barelly

अब तक क्या-क्या गिराया गया?

BDA टीम के अनुसार, मैरिज हॉल का करीब 40% हिस्सा अवैध पाया गया और उसे तीन दिनों में ढहा दिया गया। हॉल के सामने का पोर्शन, कुछ कमरे और हॉल के किनारे बने हिस्से को भारी मशीनरी से तोड़ा गया। गुरुवार को बाकी हिस्सा गिराने की तैयारी थी। पांच थानों की पुलिस, PAC और अधिकारी पूरे क्षेत्र में तैनात थे। आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और सड़कें भी बैरिकेड कर दी गई थीं। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया।

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लगाई रोक?

गुरुवार की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सरफराज वली की अपील पर राहत देते हुए कहा कि आपको हाईकोर्ट में अपनी बात रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाता है। तब तक किसी भी तरह की तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं होगी। कोर्ट ने साफ कहा कि जब हाईकोर्ट में मामला सुना जाना बाकी है, तब तक बुलडोजर कार्रवाई उचित नहीं है। यह आदेश मिलते ही कार्रवाई रोक दी गई और BDA की टीम बुलडोजर लेकर लौट गई।

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सरफराज वली के मैरिज हॉल से पहले बुधवार को सपा नेता मोहम्मद राशिद का ‘गुड मैरिज हॉल’ दो दिन की कार्रवाई के बाद पूरी तरह ढहा दिया गया था। प्रशासन का आरोप था कि वह भी बिना मंजूरी के बनाया गया था। इस कार्रवाई के बाद बरेली में सियासी हलचल तेज हो गई थी और विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा था। इसके बाद आज (गुरुवार) पूर्व मंत्री आजम खान के करीबी माने जाने वाले सपा नेता सरफराज वली के मैरिज हॉल पर बुलडोजर चलना तय था। लेकिन कोर्ट का आदेश आने से पूरा एक्शन रुक गया।

यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई- सपा

समाजवादी पार्टी ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। सपा नेताओं का कहना है कि चुनाव नजदीक हैं, इसलिए पार्टी नेताओं को टारगेट किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह पूरी तरह कानूनी कार्रवाई है और अवैध निर्माण के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कदम उठाया गया है।

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सरफराज वली का दावा 

सपा नेता सरफराज वली ने मीडिया से कहा कि उनके पास बिल्डिंग के सारे वैध दस्तावेज हैं और बिना सुनवाई किए प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बात सुने बिना ही पूरा हॉल तोड़ने की तैयारी कर ली गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद वे एक सप्ताह के अंदर हाईकोर्ट में दस्तावेज पेश करेंगे।

स्थानीय माहौल 

पूरी कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात था। सपा कार्यकर्ता लगातार मौके पर जुटे हुए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जैसे ही कार्रवाई रुकी, इलाके में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। सड़क पर खड़े लोग बुलडोजर के लौटने की तस्वीरें लेते दिखे।

अब आगे क्या?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब सबसे अहम सवाल यह है कि हाईकोर्ट क्या फैसला लेता है। यदि हाईकोर्ट में सरफराज वली दस्तावेज सही साबित करते हैं, तो बुलडोजर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ेगी। लेकिन यदि निर्माण अवैध पाया गया, तो प्रशासन हॉल के बचे हुए हिस्से को दोबारा ढहा सकता है। फिलहाल, कोर्ट के आदेश से सपा नेता को अस्थायी राहत मिली है, लेकिन केस अभी जारी है। बरेली में चल रहे बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक से सियासी हलचल बढ़ गई है। एक ओर प्रशासन अवैध निर्माण बताकर कार्रवाई कर रहा है, वहीं सपा इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई कह रही है। अगले एक सप्ताह में हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई से इस मामले का अगला कदम तय होगा।

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एयर नाऊ स्पेशल

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