Thursday, June 4, 2026

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने से किया इनकार

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से एक बार फिर राहत नहीं मिली है। अदालत ने उनकी ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग को खारिज करते हुए उन्हें असम की अदालत का रुख करने का निर्देश दिया है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच ने पवन खेड़ा की याचिका पर सुनवाई की। खेड़ा ने मंगलवार तक अपनी ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे मंजूर नहीं किया।

असम हाईकोर्ट जाने का दिया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि अब पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत के लिए असम की सक्षम अदालत में ही याचिका दाखिल करनी होगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि असम की अदालत अपने विवेक से इस मामले में फैसला करेगी और सुप्रीम कोर्ट की पिछली टिप्पणियों से प्रभावित नहीं होगी।

Air Now के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें:-

तेलंगाना हाईकोर्ट के आदेश पर रोक

पवन खेड़ा की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने जोरदार दलील दी। उन्होंने कहा कि खेड़ा सिर्फ अग्रिम जमानत मांग रहे हैं, लेकिन उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है जैसे वे कोई बड़ा अपराधी हों। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या उन्हें एक आतंकवादी की तरह देखा जा रहा है। इसके बावजूद कोर्ट ने उनकी दलील स्वीकार नहीं की। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को गलत दस्तावेज जमा करने को लेकर फटकार भी लगाई। इससे पहले भी कोर्ट ने उन्हें राहत देने से इनकार किया था और तेलंगाना हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें उन्हें एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी गई थी।

यह भी पढ़ें: ‘प्रथम खेलो इंडिया जनजातीय खेल–2026’ में भाग लेने वाले मलखम्ब खिलाड़ियों से राज्यपाल ने की मुलाकात

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 4 अप्रैल को पवन खेड़ा द्वारा की गई एक प्रेस वार्ता से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा पर तीन देशों के पासपोर्ट रखने का आरोप लगाया था। भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है, ऐसे में इस बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया। खेड़ा के इस बयान के बाद 5 अप्रैल को गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद 7 अप्रैल को दिल्ली स्थित उनके आवास पर तलाशी भी ली गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पवन खेड़ा को राहत के लिए असम की अदालत में ही याचिका दायर करनी होगी। इस मामले में आगे की सुनवाई और निर्णय वहीं से तय होगा।

Air Now के यूट्यूब चैनल को देखने के लिए यहां क्लिक करें:-

एयर नाउ स्पेशल

तमिलनाडु, केरल और बंगाल में सत्ता संभालते ही अलग...

न्यूज डेस्क: देश के कई राज्यों में नई सरकारों ने सत्ता संभालने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर खुद को अलग दिखाने की...
- Advertisement -spot_img
App Logo

Download Our App

Download Now ➥

ट्रेंडिंग खबर