Tuesday, July 21, 2026

सोनम वांगचुक ने हाथ से पत्र लिखकर अनशन ख़त्म करने की रखी 3 शर्तें, सफ़दरजंग अस्पताल में भी पर उपवास पर डॉक्टरों ने बताया – हालत स्थिर

नई दिल्ली : सफदरजंग अस्पताल में भर्ती चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है। सफदरजंग अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डा. चारु बांबा ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी उनका उपवास जारी है। वहीं सफदरजंग अस्पताल में मेडिसिन विभाग की प्रमुख डॉ. प्रोफेसर मनीषा ठाकुर ने बताया कि सोनम वांगचुक को कड़ी निगरानी और देखरेख में रखा गया है। उनके जरूरी स्वास्थ्य पैरामीटर स्थिर हैं।

बता दें कि सोनम वांगचुक को शनिवार को दिल्ली पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया था और उसके बाद से वह वहां भर्ती हैं. रविवार को उन्हें निजी अस्पताल में ले जाने से संबंधित सोनम वांगचुकी की पत्नी गीतांजलि की याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था. वहीं सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो आज सीजेपी के संसद मार्च की अगुआई करेंगी।

इसे भी पढ़ें : सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने की शर्त के बीच संसद मार्च आज, दिल्ली पुलिस की अनुमति नहीं, जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल

अनशन खत्म करने की शर्तें

WhatsApp Image 2026 07 19 at 12.27.23

इससे पहले सोमवार सुबह सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपने अनशन के 23वें दिन इसे समाप्त करने की शर्तें सार्वजनिक करते हुए कहा है कि वे कुछ निश्चित परिस्थितियों में ही इसे ख़त्म करेंगे. सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर उन्होंने एक लिखित संदेश जारी कर ख़ुद के अवैध हिरासत में होने का भी दावा किया. सोनम वांगचुक ने कहा है कि वो तब तक अपना अनशन नहीं खत्म करेंगे जब तक कि उनकी तीन शर्तों में से कोई एक पूरी नहीं हो जाती है.

सोनम वांगचुक ने कहा कि यदि केंद्र सरकार हाल के शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं की ज़िम्मेदारी स्वीकार कर लेती है या सांसद उन्हें आश्वस्त करते हैं कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा, तो वह अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर देंगे. वांगचुक ने अस्पताल से हाथ से लिखे एक पत्र में तीन ऐसे हालातों का उल्लेख किया, जिनमें वह अपना अनशन खत्म करेंगे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में उन्हें “गैरकानूनी हिरासत” में रखा गया है.

हाथ से लिखा पत्र अस्पताल से जारी

WhatsApp Image 2026 07 20 at 10.12.21

वांगचुक के एक्स हैंडल से एक पोस्ट में लिखा गया है, “प्रिय मित्रों और समर्थकों, आप में से कई लोग पूछ रहे हैं कि मैं अपना अनशन कब समाप्त करूंगा? जैसा कि मैंने पहले भी कहा था, मैं 20 जुलाई को अपना अनशन समाप्त कर दूंगा, यदि…”

1.सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल की विफलताओं, जैसे प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं, की जिम्मेदारी स्वीकार करती है… या

2. यदि संसद सदस्य और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता संसद पहुंचते हैं और राजनीतिक दल यह आश्वासन देते हैं कि वे इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे, तो मैं अपना अनशन समाप्त कर दूंगा… या

3. यदि स्वास्थ्य या अन्य वजहों से मेरे लिए अनशन जारी रखना संभव नहीं रहा, तो वह उस स्थिति में भी अपना अनशन समाप्त कर दूंगा, बशर्ते विभिन्न दलों के सांसद और नेता अस्पताल आकर मुझे यही आश्वासन दें.”

अस्पताल में गैरकानूनी हिरासत

19 जुलाई की तारीख वाले इस पत्र के आखिर में उन्होंने लिखा, “सफदरजंग अस्पताल में मेरी गैरकानूनी हिरासत से, जहां मेरी आवाजाही, अभिव्यक्ति और सभी तरह के कम्युनिकेशन की आज़ादी पर रोक लगी हुई है.” इससे पहले वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने भी रविवार को कहा था कि यदि राजनीतिक नेता यह भरोसा दें कि वे शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही का मुद्दा संसद में उठाएंगे, तो उनके पति अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर देंगे.

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर