पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर विवाद गहरा गया है। पूर्व विधायक मुकेश रोशन ने PHED मंत्री संजय सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मंत्री पर गिरफ्तारी वारंट, जमीन कब्जा और अन्य अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
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गिरफ्तारी वारंट का दावा
मुकेश रोशन ने आरोप लगाया कि PHED मंत्री संजय सिंह के खिलाफ छत्तीसगढ़ के एक न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। इसके बावजूद वे मंत्री पद पर बने हुए हैं और सरकारी सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने इसे संविधान और न्याय व्यवस्था का उल्लंघन बताया। संजय सिंह महुआ विधानसभा क्षेत्र से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के टिकट पर पहली बार विधायक बने हैं। इसके बाद उन्हें बिहार सरकार में PHED मंत्री का जिम्मा दिया गया।
जमीन कब्जा करने का आरोप
मुकेश रोशन ने पटना के राजीव नगर इलाके में मंत्री पर फर्जी तरीके से जमीन कब्जा करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्य के डीजीपी को शिकायत दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पूर्व विधायक ने हाजीपुर और महुआ क्षेत्रों में बढ़ती शराब तस्करी के मामलों में मंत्री और सत्ताधारी तंत्र पर संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि एक इनामी तस्कर को भी मंत्री का समर्थन प्राप्त है, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता और पहचान पर सवाल
मुकेश रोशन ने मंत्री की शैक्षणिक योग्यता और पहचान पर भी सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि मंत्री ने अलग-अलग जन्म तिथियों का इस्तेमाल किया और नाम में भी बदलाव किया। साथ ही नामांकन के दौरान दिए गए शपथ पत्र (एफिडेविट) में गलत जानकारी देने की बात कही गई। उन्होंने पिछले तीन महीनों में PHED विभाग द्वारा जारी निविदाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि टेंडर आवंटन प्रक्रिया में अनियमितता की संभावना है।
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कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट जाने की चेतावनी
मुकेश रोशन ने साफ कहा कि यदि सरकार इस पूरे मामले में जल्द कार्रवाई नहीं करती है, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने इसे कानून और संविधान की रक्षा के लिए जरूरी कदम बताया है। इन आरोपों के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और आरोपों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।


