मनोरंजन डेस्क : जाने-माने फ़िल्म निर्माता पहलाज निहलानी का गुरुवार सुबह मुम्बई में निधन हो गया है. पहलाज निहलानी के परिवार के एक सदस्य ने उनकी मौत की पुष्टि की. वह 76 साल के थे और पिछले कुछ महीनों से काफ़ी बीमार चल रहे थे. फिल्म निर्माता होने के अलावा वो सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके थे. उनका अंतिम संस्कार आज यानी गुरुवार दोपहर 3 बजे सांताक्रूज़ हिंदू श्मशान घाट पर किया जाएगा.
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विवादित था सेंसर बोर्ड का कार्यकाल
पहलाज 2015 और 2017 के बीच सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष रहे थे. उनके कार्यकाल में कई फिल्मों की सेंसरशिप और फिल्म सर्टिफिकेशन को लेकर विवाद हुआ था. पहलाज के फैसलों ने फिल्म इंडस्ट्री में बहस छेड़ी थी. विवादों के कारण ही उन्हें साल 2017 में सेंसर बोर्ड चीफ़ के पद से हटाकर प्रसून जोशी को अध्यक्ष बनाया गया था.
निर्माता के रूप में कई सुपरहिट फिल्में
पहलाज निहलानी ने ‘आग ही आग’, ‘इल्ज़ाम’, ‘शोला और शबनम’, ‘आंखें’ जैसी सुपरहिट फ़िल्में बनाकर एक निर्माता के तौर पर पहचान बनाई थी. गोविंदा, चंकी पांडे, नीलम जैसे मशहूर कलाकारों, के करियर को अहम मकाम दिलाने में पहलाज निहलानी का ही हाथ माना जाता है.
बतौर प्रोड्यूसर, पहलाज ने कई कमर्शियल हिंदी फिल्में बनाई थीं. पहलाज ने 1982 में आई फिल्म हथकड़ी से बतौर प्रोड्यूसर अपना करियर शुरू किया था. इसके बाद उन्होंने आंखें, शोला और शबनम, अंदाज, पाप की दुनिया, तलाश, रंगीला राजा जैसी फिल्में इंडस्ट्री को दीं. बतौर प्रोड्यूसर गोविंदा की रंगीला राजा पहलाज की आखिरी फिल्म थी. पहलाज 1980 से 2009 तक ‘मोशन पिक्चर्स एंड टीवी प्रोग्राम प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन’ (AMPTPP) के अध्यक्ष भी रहे थे.


