रांची : दिल्ली के मालवीय नगर के हॉजरानी स्थित रेस्टॉरेंट में बुधवार तड़के लगी में 11 विदेशियों सहित 21 लोगों की मौत हो गई. मृतकों में झारखंड के बोकारो की रहने वाली जैनामोड़ निवासी 26 वर्षीया सुरभि कुमारी भी शामिल है. वह प्रसिद्ध व्यवसायी और विकास आटा चक्की के मालिक रमेश प्रसाद बरनवाल की सुपुत्री थीं. सुरभि इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई की एक निजी कंपनी में कार्यरत थीं. वह टाटा कंपनी में इंटरव्यू के लिए दिल्ली आई हुई थीं.
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इंटरव्यू देने दिल्ली पहुंची थीं सुरभि
मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली में वह रात में अपनी दीदी के घर पर रुकी थीं. सुबह होते ही वह तय कार्यक्रम के अनुसार इंटरव्यू में शामिल होने के लिए मालवीय नगर स्थित उक्त होटल में पहुंची थी, लेकिन किसे पता था कि जिस उज्जवल भविष्य का सपना लेकर वह घर से निकली थीं, वह उसकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा. इंटरव्यू के दौरान ही होटल में अचानक आग लग गई और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. इस अग्निकांड में सुरभि को संभलने का मौका नहीं मिला और दम घुटने व झुलसने से उनकी असमय मौत हो गई.
जैना मोड़ पहुंचा पार्थिव शरीर
कानूनी प्रक्रियाओं और पोस्टमार्टम के बाद मृतका सुरभि कुमारी का पार्थिव शरीर दिल्ली से उनके पैतृक आवास जैनामोड़ लाया गया. जैसे ही सुबह करीब 11 बजे सुरभि का शव उनके घर पहुंचा, पूरा माहौल चीख-पुकार और आंसुओं में डूब गया. माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. अपनी होनहार बेटी को खोने का गम पूरे परिवार पर पहाड़ बनकर टूटा है.


