नई दिल्ली : संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण भी हंगामेदार रहा. विपक्ष ने अमेरिका-इसराइल और ईरान जंग से भारत पर होने वाले असर पर चर्चा की मांग की. जबकि सरकार का कहना है कि विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव का मोशन लाया, हम इस पर चर्चा करने पर तैयार थे.
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “पश्चिम एशिया की लड़ाई से हमारी अर्थव्यवस्था को बड़ा नुक़सान होगा. पीएम मोदी ने अमेरिका के साथ डील की है, देश को बड़ा झटका लगने वाला है. हम इस पर संसद में चर्चा करने की मांग कर रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “क्या पश्चिम एशिया का मामला अहम नहीं है? क्या ईंधन की क़ीमतें और आर्थिक संकट चर्चा के लायक मुद्दे नहीं हैं? ये जनता के मुद्दे हैं. हम इन्हें अहम मानते हैं और चर्चा चाहते हैं. लेकिन वे चर्चा नहीं करना चाहते क्योंकि उससे और बातें सामने आएंगी, पीएम की स्थिति सामने आएगी. ये सामने आ जाएगा कि कैसे वे समझौता कर चुके हैं और कैसे उन्हें दबाव में रखा जा रहा है. इसलिए वे चर्चा नहीं चाहते.”
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर नोटिस कांग्रेस पार्टी के कहने पर स्वीकार किया गया. उनसे बात करने के बाद तय हुआ कि इस पर आज चर्चा होगी. उसी समय वे एक और प्रस्ताव ले आए. उन्हें न तो संसदीय प्रक्रिया की समझ है और न ही संविधान का सम्मान.” गौरतलब है कि सदन की कार्यवाही 3 बजे फिर से शुरू हुई, लेकिन हंगामे की वजह से कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया.


