Wednesday, September 16, 2026

ईरान में विरोध प्रदर्शन हुआ तेज, 26 वर्षीय इरफान सुलतानी को आज मिल सकती है फांसी

ईरान : ईरान में जारी सरकार-विरोधी हिंसक प्रदर्शनों को आज 18वां दिन हो गया है। इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में गिरफ्तार 26 वर्षीय इरफान सुलतानी को आज फांसी दी जा सकती है। इस खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और आलोचना तेज हो गई है। ब्रिटिश अखबार द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, इरफान सुलतानी को 8 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। ईरान सरकार ने उन्हें 11 जनवरी को हिंसा भड़काने और सरकार के खिलाफ जंग छेड़ने के आरोप में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुना दी। रिपोर्ट के अनुसार, सुलतानी को न तो पूरा ट्रायल मिला, न ही वकील या अपील का मौका। परिवार को केवल 10 मिनट की आखिरी मुलाकात की अनुमति दी गई है।

मोहरेबेह का आरोप

इरफान सुलतानी पर ‘मोहरेबेह’, यानी भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया गया है। ईरानी कानून में यह सबसे गंभीर अपराधों में शामिल है, जिसकी सजा सीधे फांसी होती है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि यह मामला फास्ट-ट्रैक या शो ट्रायल का उदाहरण है, जिसका मकसद हजारों प्रदर्शनकारियों में डर पैदा करना है। जानकारी के अनुसार, इस आंदोलन के दौरान यह पहली फांसी हो सकती है।

ट्रम्प की चेतावनी

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान सरकार प्रदर्शनकारियों को फांसी देना शुरू करती है, तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान के लोगों से विरोध जारी रखने और सरकारी संस्थानों पर कब्जा करने की अपील की। वहीं, ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी ने ट्रम्प और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर पलटवार करते हुए उन्हें ईरान में हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

मौतों के आंकड़ा

मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान के सभी 31 प्रांतों में अब तक 600 से ज्यादा प्रदर्शन हो चुके हैं। वहीं CNN का दावा है कि प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या 2400 से अधिक हो चुकी है। दूसरी ओर, ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने दावा किया है कि बीते 17 दिनों में 12 हजार प्रदर्शनकारियों की हत्या की गई है। हालांकि, रॉयटर्स ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से मरने वालों की संख्या करीब 2000 बताई है।

फांसी और दमन पर वैश्विक नाराजगी

नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स के मुताबिक, चीन के बाद ईरान दुनिया में सबसे ज्यादा लोगों को फांसी देने वाला देश है। साल 2024 में ईरान में कम से कम 1500 लोगों को फांसी दी गई। इसी बीच भारत दौरे पर आए जर्मनी के चांसलर फेडरिक मर्त्ज ने कहा कि ईरान में मौजूदा सरकार का खेल खत्म होने की कगार पर है।

हालात तनावपूर्ण

ईरान सरकार ने कई इलाकों में इंटरनेट और संचार सेवाएं बंद कर दी हैं। आरोप है कि सुरक्षा बलों ने रेवोल्यूशनरी गार्ड्स और बसीज फोर्स के जरिए प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की। वहीं, सरकार का कहना है कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई कर रही है। फिलहाल ईरान में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और पूरी दुनिया की नजरें इरफान सुलतानी की संभावित फांसी और आगे की घटनाओं पर टिकी हुई हैं।

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एयर नाऊ स्पेशल

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