पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए चुनाव आयोग शनिवार को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन करेगा। राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम पूरा हो गया है। इस मतदाता सूची में सात करोड़ से अधिक मतदाताओं की अद्यतन जानकारी होगी। खास बात यह है कि संशोधित मतदाता सूची का प्रकाशन ऐसे समय होने जा रहा है जब एसआईआर को लेकर भाजपा और टीएमसी के बीच सियासी टकराव जारी है। टीएमसी चुनाव आयोग और भाजपा दोनों पर हमलावर है। एसआईआर को चुनौती देते हुए वह सुप्रीम कोर्ट तक गई है।
Highlights:
7.08 करोड़ मतदाता हटाए गए
इन बातों ने विधानसभा चुनाव से पहले के परिदृश्य को नया रूप दिया है। इस चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों का काफी कुछ दांव पर है। राज्य में 7.08 करोड़ मतदाताओं को ’अनुमोदित’, ’हटाए गए’ या ’विचाराधीन’ के रूप में वर्गीकृत करने वाली यह सूची 28 फरवरी को प्रकाशित होगी। यह ऐसी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मोड़ है जो नौकरशाही में सुधार से कहीं आगे बढ़कर चुनाव से पहले विवाद का मुद्दा बन गई है। निवार्चन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को एक बड़े चुनाव से पहले वैधानिक शुद्धिकरण के रूप में परिकल्पित किया था। एसआईआर पहली बार 2002 में किया गया था।


