Monday, July 27, 2026

पेपर लीक की रोकथाम को लेकर लोकसभा में आज पेश होगा नया ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’

नई दिल्ली : केंद्र सरकार आज लोकसभा में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश करेगी। यह नया और सख्त कानून पेपर लीक और परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए लाया जा रहा है। मोदी सरकार ने शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में इस बिल को मंजूरी दी थी।

इस प्रस्तावित कानून में मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने, दोषियों को कड़ी सजा देने और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित करने के कड़े प्रावधान शामिल हैं। यह बिल साल 2024 के पुराने कानून में संशोधन करके लाया जा रहा है।

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विपक्ष की तैयारी

इधर विपक्ष भी संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में केंद्र सरकार को नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के आंदोलन को लेकर घेरने की तैयारी में है. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के शनिवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा देने के बाद छात्रों का आंदोलन भले समाप्त हो गया, लेकिन अब कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं.

विपक्ष खासकर कांग्रेस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर आंसू गैस और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए। मिली जानकारी के अनुसार विपक्षी दल सोमवार को संसद के दोनों सदनों में यह मुद्दा उठाएगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की मांग करेगी।

राहुल गांधी का गृह मंत्री को पत्र

इधर रविवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दो सवालों पर जवाव देने की मांग की है। राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह से पूछा कि क्या गृह मंत्री के तौर पर आपने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन जैसे घातक हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति दी थी? अगर नहीं, तो यह आदेश किसने दिया?

वहीं इसके अलावा राहुल गांधी ने गृह मंत्री से पूछा कि प्रदर्शन के दौरान जो लोग सादे कपड़ों में छात्रों को लाठियों से पीटते हुए दिखे, क्या वे पुलिसकर्मी थे या कोई और? उन्हें वहां तैनात करने की अनुमति किसने दी थी? राहुल गांधी का तर्क है कि चूंकि दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था सीधे तौर पर गृह मंत्रालय के अंडर आती है, इसलिए इसकी जवाबदेही गृह मंत्री की बनती है।

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एयर नाऊ स्पेशल

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