रांची: झारखंड के चर्चित टेंडर घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक अहम मोड़ आया है। निलंबित इंजीनियर इन चीफ वीरेंद्र राम के सहयोगी मुकेश मित्तल को रांची की विशेष अदालत से बड़ी राहत मिली है। यह मामला निलंबित इंजीनियर इन चीफ वीरेंद्र राम से जुड़ा है, जिन पर टेंडर घोटाले के जरिए अवैध कमाई करने और उस पैसे को विभिन्न जगहों पर निवेश कर मनी लॉन्ड्रिंग करने के आरोप हैं। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
Highlights:
सहयोगियों की गिरफ्तारी
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वीरेंद्र राम के तीन सहयोगियों (तारा चंद, नीरज मित्तल और राम प्रकाश भाटिया) को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। इन सभी पर अवैध लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि वीरेंद्र राम के काले धन को चार्टर्ड अकाउंटेंट मुकेश मित्तल के कर्मचारियों और रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया जाता था। इसके जरिए अवैध पैसे को वैध दिखाने की कोशिश की जाती थी। हालांकि मुकेश मित्तल को कोर्ट से राहत मिल गई है, लेकिन जांच एजेंसियों की नजर अभी भी इस पूरे मामले पर बनी हुई है। आने वाले समय में इस केस में और खुलासे होने की संभावना है।
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