रांची: झारखंड में अपराध जगत से जुड़े एक अहम मामले में कुख्यात गैंगस्टर विकास तिवारी को बड़ी कानूनी राहत नहीं मिल सकी। झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश अनिल कुमार चौधरी ने सुनवाई के दौरान गैंगस्टर विकास तिवारी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। विकास तिवारी पर कुल 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। हालांकि, इनमें से कई मामलों में वह बरी हो चुका है या उसे जमानत मिल चुकी है।
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सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड में भी उसे पहले बरी किया जा चुका है। जिस मामले में कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की है, वह एटीएस से जुड़ा है। एटीएस कांड संख्या 07/21 में विकास तिवारी को राहत नहीं मिली है। अदालत में एटीएस के पैरोकार अमित कुमार दास ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि आरोपी पर लेवी वसूली और दहशत फैलाने जैसे गंभीर आरोप हैं, ऐसे में उसे जमानत देना उचित नहीं होगा।
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शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा
अभियोजन पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि यदि आरोपी को जमानत मिलती है तो इससे शिकायतकर्ताओं का मनोबल टूटेगा और क्षेत्र में भय का माहौल पैदा हो सकता है। कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी। इस फैसले को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अहम माना जा रहा है।


