नई दिल्ली: सोमवार से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है. इस सत्र के लिए सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी दलों दोनों ने पूरी तैयारी कर ली है। इस सत्र के काफी हंगामेदार होने के आसार हैं। एनडीए जहां इस सत्र में आयकर संशोधन, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक और सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक सहित सात अहम बिलों को पारित कराने पर रहेगा। वहीं, विपक्ष नीट-यूजी पेपर लीक और अयोध्या में श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों पर सत्तापक्ष को घेरने की पूरी रणनीति तैयार किए बैठा है
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पीएम मोदी ने जताई उम्मीद
संसद सत्र शुरू होने के पहले पीएम मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मानसून हो या और मानसून सत्र, अगर दोनों ही पॉजीटिव हो, तो बहुत ही लाभदायक होते हैं। इससे देश का कल्याण होता है, जीव मात्र का कल्याण होता है। इसलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून भी प्रोएक्टिव रहे और मानसून सत्र भी प्रोडक्टिव रहे।
इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया के युद्ध के कारण भारत जैसे देश जो एनर्जी के लिए दूसरों पर निर्भर हैं, उनके लिए ये एक बहुत बड़ा संकट का कारण रहा। पेट्रोल, डीजल, LPG, फ़र्टिलाइजर जैसे हर क्षेत्र में अनेक बाधाएं और संकट आए। उसके बावजूद भी भारत 7.7% के ग्रोथ से दुनिया की मेजर इकॉनमी में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश रहा।
कांग्रेस का कार्यस्थगन नोटिस
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में कार्यस्थगन नोटिस दिया है ताकि नए एंटी-डिफेक्शन लॉ के नियमों पर चर्चा की जा सके। यह कानून मौकापरस्ती और बिना किसी असली सोच या पॉलिसी से जुड़े मतभेदों के बड़े पैमाने पर पॉलिटिकल दल-बदल पर रोक लगाता है, साथ ही पार्लियामेंट और लेजिस्लेचर के अंदर और बाहर ईमानदार और जरूरी असहमति के लिए जगह देता है।
वहीं अयोध्या राम मंदिर चंदा मामले को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि यह एक ऐसा मुद्दा है जिसने करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्हें BJP, RSS और VHP से धोखा मिला है। इसलिए हम उनकी चिंताओं और उनके गुस्से को और जोर-शोर से उठाएंगे। जबकि सपा सांसद नरेश उत्तम पटेल ने कहा, “आज लोकसभा में समाजवादी पार्टी बुनियादी और अहम मुद्दों को उठाएगी।
केंद्रीय गृह मंत्री पेश करेंगे बिल
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 में संशोधन करने के लिए एक विधेयक पेश करने वाले हैं। प्रस्तावित कानून के तहत राष्ट्रगान वंदे मातरम में किसी भी प्रकार की बाधा या अपमान को आपराधिक अपराध बनाने का प्रावधान है।
एनडीए के साथ द्रमुक
मानसून सत्र से पहले एनडीए सरकार को अतिमहत्वपूर्ण परिसीमन बिल और महिला आरक्षण विधेयक पर द्रमुक का साथ मिलने के संकेत मिले हैं। समर्थन के बदले द्रमुक ने ऐसी मांग रखी है, जिसका आश्वासन बजट सत्र में चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह पहले ही दे चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक द्रमुक ने सभी राज्यों में आनुपातिक आधार पर 50 फीसदी सीटें बढ़ाने की शर्त रखी है, जिस पर सरकार भी राजी दिख रही है। ऐसे में यदि द्रमुक एनडीए के साथ आता है तो सरकार संसद में दो-तिहाई के जादुई आंकड़े (363) के बेहद करीब पहुंच जाएगी।


