रांची: केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लाभार्थियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। अब सरकारी योजनाओं का पैसा किसी दफ्तर या बिचौलिये के पास अटकने के बजाय सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में पहुंचेगा। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई ‘SNA स्पर्श’ योजना को झारखंड सरकार ने भी राज्य में लागू करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। दरअसल इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सरकारी धन के प्रवाह को सरल, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है। इसको लेकर राज्य सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे जल्द से जल्द इस नई प्रणाली के साथ अपने पोर्टल को सिंक करें ताकि चालू वित्तीय वर्ष की सभी योजनाओं का भुगतान इसी पारदर्शी तरीके से किया जा सके।
Highlights:
क्या है ‘SNA स्पर्श’ और कैसे करेगा काम?
‘SNA स्पर्श’ एक अत्याधुनिक निधि प्रवाह प्रणाली है। इसके तहत राज्य नोडल एजेंसियों (SNA) द्वारा भुगतान फाइलें तैयार की जाती हैं और उसी के आधार पर केंद्र व राज्य दोनों का हिस्सा सीधे लाभार्थियों को जारी कर दिया जाता है।
इस योजना के 4 मुख्य स्तंभ:
- जस्ट-इन-टाइम फंड फ्लो: अब पैसा बैंक खातों में तब तक पड़ा नहीं रहेगा जब तक उसकी जरूरत न हो। जैसे ही भुगतान की फाइल बनेगी, पैसा सीधे लाभार्थी तक पहुंचेगा।
- आधार आधारित DBT: पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आधार लिंक बैंक खातों का उपयोग किया जाएगा।
- खाता आधारित भुगतान: जिन लाभार्थियों का आधार लिंक नहीं है, उनके लिए सीधे बैंक खाता आधारित भुगतान की भी सुविधा होगी।
- केंद्र के हिस्से की अग्रिम उपलब्धता: इस प्रणाली में राज्यों को केंद्र का हिस्सा पहले ही आवंटित कर दिया जाता है, जिससे प्रक्रिया में कोई देरी नहीं होगी।
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झारखंड के लाभार्थियों को क्या होगा फायदा?
झारखंड सरकार द्वारा इस प्रणाली को अपनाने से राज्य के लाखों ग्रामीणों और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा:
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भ्रष्टाचार पर लगाम: पैसा सीधे खाते में जाने से कमीशनखोरी और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
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समय की बचत: पहले फाइलों के एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर घूमने में हफ़्तों लग जाते थे, अब यह प्रक्रिया डिजिटल और त्वरित होगी।
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पारदर्शिता और सटीकता: निधि प्रवाह की हर इकाई की ट्रैकिंग संभव होगी, जिससे यह पता रहेगा कि पैसा सही व्यक्ति तक पहुंचा है या नहीं।
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दक्षता में सुधार: सरकारी मशीनरी की कार्यक्षमता बढ़ेगी और लाभार्थियों को अपनी किस्तों के लिए बार-बार बैंक या ब्लॉक के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।


