रांची : एनजीटी यानी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की रोक के बावजूद तमाड़ स्थित कांची नदी में बालू का अवैध उठाव धड़ल्ले से जारी है। बादला-हराडीह और बामलाडीह घाट पर बड़े पैमाने पर बालू खनन किया जा रहा है। इस घंघे में शामिल बाूल माफियाओं ने कांची नदी को स्टॉक मान कर बालू का अवैध खनन को अंजाम दे रहे हैं.स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर और दर्जनों हाइवा व ट्रेलर बालू लेकर निकल रहे हैं। इससे प्रतिदिन लाखों रुपये के अवैध कारोबार होता है।
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कटाव का खतरा भी बढ़ा

ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बालू उठाव से नदी का प्राकृतिक स्वरूप और प्रवाह प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही आसपास के गांवों में नदी कटाव का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि नदी में अत्यधिक गहराई तक बालू निकाले जाने से पुल के पिलरों की नींव के आसपास की मिट्टी और बालू हट सकती है, जिससे भविष्य में पुल की मजबूती पर असर पड़ने का खतरा है।
पुल के नीचे से बालू उठाव
कांची नदी में पुल के आसपास और पुल के नीचे से बालू उठाए जाने को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि लगातार और अत्यधिक बालू निकासी से पुल के पिलरों के आसपास की मिट्टी व बालू हट सकती है। इससे नींव कमजोर होने का खतरा बढ़ सकता है और भविष्य में पुल की संरचनात्मक मजबूती प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों ने पुल के नीचे हो रहे बालू उठाव की तत्काल जांच और रोक लगाने की मांग की है।


