Monday, November 2, 2026

नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ बदले कई नियम, आपकी जेब पर पर सकता है असर!

नई दिल्ली: 1 अप्रैल यानी आज से नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत हो गई है। इसके साथ ही आम लोगों की जिंदगी और जेब पर सिधा असर डालने वाले कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। इन बदलावों में टैक्स सिस्टम, सैलरी स्ट्रक्चर, रेलवे नियम, फास्टैग, क्रेडिट स्कोर और डिजिटल पेमेंट से जुड़े नियम शामिल हैं। आइए जानते हैं इन सभी बदलावों के बारे में विस्तार से।

टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव

नए वित्त वर्ष से आयकर अधिनियम 2025 लागू हो गया है, जिसने पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह ले ली है। इस नए कानून का उद्देश्य टैक्स प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाना है। अब असेसमेंट ईयर और प्रीवियस ईयर जैसे जटिल शब्दों की जगह सिर्फ टैक्स ईयर शब्द का इस्तेमाल होगा। इससे करदाताओं के लिए प्रक्रिया समझना आसान होगा।

सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव की संभावना

सरकार नए लेबर कोड लागू कर सकती है, जिसके तहत कर्मचारियों की बेसिक सैलरी कुल CTC का कम से कम 50% होना जरूरी होगा। इससे पीएफ और ग्रेच्युटी में योगदान बढ़ेगा। हालांकि, इससे टेक-होम सैलरी कम हो सकती है, लेकिन रिटायरमेंट के समय ज्यादा फायदा मिलेगा।

HRA क्लेम, फास्टैग और रेलवे टिकट रिफंड नियम में बदलाव 

अब हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर टैक्स छूट लेने के लिए मकान मालिक का पैन कार्ड और किराया भुगतान का प्रमाण देना अनिवार्य होगा। बिना इन दस्तावेजों के टैक्स छूट का लाभ नहीं मिल पाएगा। हाईवे पर यात्रा करने वालों के लिए फास्टैग का वार्षिक पास महंगा हो गया है। इसकी कीमत 3,000 रुपये से बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दी गई है। यह पास एक साल या 200 टोल क्रॉसिंग तक मान्य रहेगा। भारतीय रेलवे ने टिकट रद्द करने के नियमों में बदलाव किया है। 72 घंटे से पहले कैंसिल करने पर 25% कटौती होगी। 8 घंटे से कम समय में कोई रिफंड नहीं। साथ ही अब ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा भी दी गई है।

क्रेडिट स्कोर होगा ज्यादा अपडेटेड

RBI ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे अब हर हफ्ते ग्राहकों का लोन डेटा क्रेडिट ब्यूरो को भेजें। पहले यह काम 15 दिन में होता था। इससे क्रेडिट स्कोर ज्यादा सटीक और अपडेटेड रहेगा। अब पैन कार्ड बनवाने के लिए सिर्फ आधार कार्ड पर्याप्त नहीं होगा। जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट या पासपोर्ट देना जरूरी होगा। साथ ही पैन आवेदन फॉर्म में भी बदलाव किया गया है। अगर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को सेकेंडरी मार्केट से खरीदा गया है, तो उस पर 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। जबकि सीधे RBI से खरीदकर मैच्योरिटी तक रखने पर टैक्स छूट जारी रहेगी। अब यूपीआई और कार्ड पेमेंट के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूरी कर दिया गया है। इससे डिजिटल लेनदेन पहले से ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा।

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एलपीजी सिलेंडर महंगा

नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 218 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में इसकी कीमत 1883 रुपये से बढ़कर 2078.50 रुपये हो गई है, जिससे व्यवसायियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। नए वित्त वर्ष 2026-27 के साथ लागू हुए ये सभी बदलाव आम आदमी की वित्तीय स्थिति को सीधे प्रभावित करेंगे। ऐसे में जरूरी है कि लोग इन नए नियमों को समझकर अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग समय रहते करें, ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

एयर नाऊ स्पेशल

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