रांची: झारखंड की महत्वाकांक्षी मंईयां सम्मान योजना का पोर्टल पिछ्ले लगभग एक साल से यानी जनवरी 2025 से बंद है। इस कारण राज्यभर में 10 लाख से अधिक आवेदन लंबित हो गए हैं। हालात यह हैं कि नए लाभुक इस योजना से जुड़ ही नहीं पा रहे हैं। सरकारी तौर पर कहा जा रहा है कि पोर्टल को अपडेट किया जा रहा है, लेकिन अंदरखाने की सच्चाई कुछ और ही बयां करती है। विभिन्न जिलों के अधिकारियों का कहना है कि नए आवेदनों की एंट्री को लेकर उन्हें कोई निर्देश ही नहीं मिला है। ऐसे में आवेदन तो लिए जा रहे हैं, लेकिन सिस्टम में दर्ज नहीं हो पा रहे।
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आवेदन स्वीकार हुआ या नहीं
धनबाद में 1 लाख, बोकारो में 60 हजार और रांची में लगभग 50 हज़ार आवेदन लंबित हैं. आवेदकों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों और अंचल कार्यालयों में आवेदन जमा कर दिए, लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद उन्हें यह तक नहीं बताया गया कि उनका आवेदन स्वीकार हुआ या नहीं। जिला स्तर के अधिकारियों का कहना है कि पहले से आए करीब 50 हजार आवेदन उच्च स्तर पर भेज दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई निर्देश नहीं मिला।
सीएससी में स्वीकार नहीं हो रहा आवेदन
इधर कॉमन सर्विस सेंटर के संचालकों का कहना है कि 2 जनवरी 2025 से पोर्टल पूरी तरह बंद है। इससे पहले भी सीएससी के माध्यम से फॉर्म भरने पर रोक लगा दी गई थी। वही आवेदकों का कहना है कि 2024 में csc के माध्यम से आवेदन किया गया था, लेकिन वो रद्द हो गया, फिर अंचल कार्यालय में आवेदन जमा किया, इसके बाद पता नहीं क्या हुआ. दूसरे अन्य आवेदकों का कहना है कि योजना की राशि कुछ समय तक मिली फिर अचानक भुगतान बंद हो गया. और कहा गया कि राशि डेटा अपडेट के बाद मिलेगा . यानी अब जब साल 2025 खत्म होने के कगार पर है तो यह देखना होगा कि नए साल में मंईयां सम्मान योजना का पोर्टल नए लाभुकों के लिए खुलता है या नहीं?


