नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन कार्यवाही शुरू होने के बाद विपक्ष के सांसदों ने जबरदस्त हंगामा किया. लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों में विपक्ष नारेबाजी करता रहा. इस बीच स्पीकर ने पहले सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे और फिर 2 बजे तक के लिए स्थगित की. लेकिन जब 2 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो विपक्ष लगातार हंगामा करता रहा. इसके बाद दोनों सदनों में स्पीकर ने कार्यवाही को बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.
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संसद में चर्चा होनी चाहिए : मनीष तिवारी
इधर सीजेपी प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि निर्दोष छात्रों के साथ जो हुआ, उसकी निंदा होनी चाहिए और इस मुद्दे पर संसद में चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों से जुड़े इस मामले को लगातार उठाता रहेगा और सरकार से जवाब मांगेगा. मनीष तिवारी ने कहा कि युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
स्पीकर ने चर्चा की मांग ठुकराई : डिंपल यादव

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा, “विपक्षी पार्टियों ने स्पीकर से मुलाक़ात की और चर्चा की मांग की, लेकिन उन्होंने इसे साफ़ तौर पर ठुकरा दिया. यहां सरकार की मंशा को समझना ज़रूरी है; उनका पूरा सिस्टम भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है और कई मामलों में बीमार नजर आता है. जो युवा विरोध करने आए थे, वे सिस्टम की नाकामी को उजागर करना चाहते थे, क्योंकि सरकार खुद इस मुद्दे पर ध्यान देने को तैयार नहीं थी.
डिंपल यादव ने आगे कहा कि “युवा सरकार से शिक्षा में सुधार लाने और NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले 20 छात्रों की मौत के मामले पर कार्रवाई करने की अपील करने आए थे. उन्हें यह भी लगा कि जिम्मेदार होने के नाते शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए; लेकिन मंत्री के इस्तीफे की मांग करने के बजाय, जैसा कि छात्रों ने किया था, अधिकारियों ने उन पर लाठियां बरसाईं और उनके कपड़े फाड़ दिए. मेरा मानना है कि सरकार के इन कामों ने इन युवाओं की उम्मीदों और सपनों को बुरी तरह तोड़ दिया है.”
लाठीचार्ज और आंसू गैस क्यों : अखिलेश यादव
सीजेपी प्रदर्शन को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस छोड़े गए. कई छात्रों को सिर में गंभीर चोट लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे का मतलब है?
बातचीत से निकलेगा रास्ता : चिराग पासवान
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने छात्रों के प्रदर्शन को लेकर कहा कि उनकी आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से ही निकल सकता है. शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है और सरकार छात्रों की बात सुनने के लिए तैयार है. चिराग पासवान ने बताया कि सरकार ने बातचीत के रास्ते खुले रखे हैं और छात्रों के प्रतिनिधियों ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की है.


