नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुए छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से मिलने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा आरएमएल अस्पताल पहुंचे. उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायल छात्रों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना. राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से भी मुलाकात की थी और कल के प्रदर्शन में हुई बर्बरतापूर्वक कार्रवाई पर सवाल उठाए. उन्होंने सरकार से जवाब मांगा और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग भी दोहराई.
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घायलों से मिले केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी मंगलवार को दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हुए युवाओं से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना पहुंचे. इस दौरान केजरीवाल ने कहा कि अस्पताल में सिर्फ एक छात्र की हालत गंभीर है और उसका इलाज चल रहा है. उन्होंने बताया कि बाकी घायल छात्रों और पुलिसकर्मियों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है. केजरीवाल ने यह भी कहा कि वह संसद मार्ग थाने जाकर यह जानने कि कोशिश करेंगे कि कितनी एफआईआर दर्ज हुई हैं और कितने छात्रों को हिरासत में लिया गया है.
जेपी नड्डा पहुंचे अस्पताल, जाना हाल
इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध मार्च के दौरान घायल हुए लोगों का इलाज कर रहे डॉक्टरों के साथ बैठक की. दरअसल, सोमवार को सीजेपी के ‘संसद मार्च’ के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हुए कई लोगों को इलाज के लिए आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
बाद में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा प्रदर्शन के दौरान घायल लोगों का हाल जानने के लिए लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज पहुंचे. उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की और उनकी स्थिति की जानकारी ली. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में कई लोग घायल हुए थे.
वांगचुक ने बदला फैसला : अभिजीत दीपके
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक रविवार को अपना अनशन खत्म करने वाले थे. उन्होंने बताया कि उन्हें इसके लिए मना भी लिया गया था, लेकिन प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और बल प्रयोग की खबरों के बाद वांगचुक ने अपना फैसला बदल दिया और अनशन जारी रखने का निर्णय लिया.


