पटना: पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 28 फरवरी को होने वाला है और उसी दिन परिणाम भी घोषित किए जाएंगे। जो प्रत्याशी अपनी उम्मीदवारी वापस लेना चाहते हैं, वे आज दोपहर 3 बजे तक आवेदन दे सकते हैं। इसके बाद शाम 6 बजे उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की जाएगी। इसी सूची के उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरेंगे और प्रचार करेंगे।
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ग्रीवांस सेल ने तीन उम्मीदवारों को दी राहत
शुक्रवार को विश्वविद्यालय में ग्रीवांस रिड्रेसल सेल की बैठक हुई। इसमें सेंट्रल पैनल के लिए रद्द किए गए चार उम्मीदवारों में से तीन की उम्मीदवारी वैध घोषित कर दी गई। ग्रीवांस सेल के फैसले के बाद अब सेंट्रल पैनल में कुल 49 उम्मीदवार मैदान में हैं। अध्यक्ष पद के लिए पांच उम्मीदवारों में प्रिंस कुमार, रिंकल यादव, अंचल कुमार, संटू कुमार और शांतनु शेखर की उम्मीदवारी वैध मानी गई है। वहीं अध्यक्ष पद की उम्मीदवार श्रुति कुमारी बैठक में शामिल नहीं हुईं। इसके अलावा महासचिव पद के उम्मीदवार मंजीत कुमार और कोषाध्यक्ष पद के उम्मीदवार हर्ष वर्धन की उम्मीदवारी भी वैध घोषित की गई। काउंसिल मेंबर पद के आठ रद्द उम्मीदवारों में से दो को राहत मिली है।
21 से 26 फरवरी तक चुनाव प्रचार
मुख्य चुनाव पदाधिकारी प्रो. शंकर कुमार के आदेश के अनुसार, 21 से 26 फरवरी शाम 5 बजे तक उम्मीदवार प्रचार कर सकेंगे। प्रत्याशी अधिकतम 5 समर्थकों के साथ प्रचार कर सकते हैं। प्रचार के दौरान सभी को आईडी कार्ड रखना अनिवार्य होगा। असामाजिक तत्वों की एंट्री रोकने के लिए विशेष नियम लागू किए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी कॉलेजों को निर्देश दिया है कि चुनाव पूरा होने तक किसी बाहरी व्यक्ति को कैंपस में प्रवेश नहीं दिया जाए। इससे शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने में मदद मिलेगी।
वोटिंग बढ़ाने के लिए यूनिवर्सिटी का बड़ा फैसला
चुनाव में वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय ने बड़ा निर्णय लिया है। मतदान करने वाले विद्यार्थियों को कक्षाओं में 4-5 दिन अतिरिक्त अटेंडेंस का लाभ मिलेगा। इस संबंध में सभी कॉलेजों और विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि मतदान करने वाले छात्रों को अतिरिक्त उपस्थिति का लाभ दिया जाए।
छात्र संघ चुनाव को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल है। उम्मीदवार अपने-अपने मुद्दों के साथ छात्रों के बीच जा रहे हैं। अंतिम सूची जारी होने के बाद चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है। यह चुनाव विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति और नेतृत्व के भविष्य को तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।


